भारतीय शेयर बाज़ार में आज तेजी देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स **0.66%** चढ़कर **200-Day Exponential Moving Average (EMA)** के ऊपर बंद हुआ, जो फरवरी के बाद पहली बार हुआ है। यह एक अहम टेक्निकल माइलस्टोन माना जा रहा है, जो बाजार में बढ़ते भरोसे का संकेत देता है। इंडेक्स ने **24,300-24,400** के ज़ोन में सपोर्ट बनाया है।
क्यों आई इतनी बड़ी तेज़ी?
6 जुलाई को Nifty 50 इंडेक्स ने अच्छी रिकवरी दिखाते हुए 0.66% का उछाल दर्ज किया और 200-Day EMA के ऊपर कारोबार करने में कामयाब रहा। 200-Day EMA एक टेक्निकल इंडिकेटर है जो पिछले 200 दिनों की औसत कीमत बताता है। जब कोई इंडेक्स इस लेवल के ऊपर ट्रेड करता है, तो इसे अक्सर लॉन्ग-टर्म ट्रेंड के पॉजिटिव होने का संकेत माना जाता है। यह फरवरी के अंत के बाद पहली बार हुआ है कि निफ्टी इस अहम स्तर को पार कर पाया है, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स के बीच बढ़ते कॉन्फिडेंस को दर्शाता है।
आगे क्या है मार्केट की चाल?
बाज़ार के जानकारों की नज़र अब इस बात पर है कि क्या इंडेक्स इस मोमेंटम को बनाए रख पाएगा। मौजूदा चाल इशारा करती है कि निफ्टी अप्रैल के अपने पीक 24,600 के लेवल की तरफ बढ़ सकता है, और अगर तेज़ी जारी रही तो 24,800 तक भी जा सकता है। लेकिन, इस ट्रेंड के जारी रहने के लिए निफ्टी का 24,300 से 24,400 के सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बने रहना ज़रूरी है। अगर इंडेक्स इस लेवल से नीचे गिरता है, तो बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है और फोकस 24,000 के लेवल की ओर शिफ्ट हो सकता है, जो फिलहाल ऑप्शन्स एक्टिविटी के हिसाब से एक मजबूत बेस बना हुआ है।
बैंकिंग सेक्टर और वोलेटिलिटी पर एक नज़र
इसी के साथ, बैंक निफ्टी इंडेक्स में भी 0.6% की बढ़त दर्ज की गई। बैंक निफ्टी के डेली चार्ट पर भी बुलिश फॉर्मेशन दिख रहा है, और 50-day EMA लंबे समय के एवरेज को पार करने के संकेत दे रहा है। यह दिखाता है कि बैंकिंग सेक्टर, जो अक्सर मार्केट की दिशा तय करता है, ब्रॉडर रैली को सपोर्ट कर रहा है। वहीं, इंडिया VIX (जो मार्केट की एक्सपेक्टेड वोलेटिलिटी को ट्रैक करता है) 11.82 पर बना हुआ है। जब यह इंडेक्स 13 से नीचे रहता है, तो आमतौर पर यह माना जाता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स अचानक बड़ी गिरावट से ज़्यादा चिंतित नहीं हैं, जिससे मार्केट में स्थिर तेज़ी का माहौल बनता है।
किन इंडिकेटर्स पर रखें नज़र?
कीमतों में उतार-चढ़ाव के अलावा, ट्रेडर्स पुट-कॉल रेशियो (PCR) पर भी नज़र रख रहे हैं, जो हाल ही में 1.38 पर था। 1 से ऊपर का PCR यह बताता है कि पुट ऑप्शन्स में काफी एक्टिविटी है, जिसे कभी-कभी ट्रेडर्स द्वारा आगे की तेज़ी पर दांव लगाने या अपने पोजीशन को हेज करने के संकेत के तौर पर देखा जाता है। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि ये टेक्निकल इंडिकेटर्स मार्केट के मौजूदा व्यवहार की एक झलक देते हैं और इनमें रोज़ाना की ट्रेडिंग एक्टिविटी का असर पड़ता है, जो तेज़ी से बदल सकते हैं। आने वाले दिनों में सबसे ज़रूरी बात यह देखना होगी कि क्या Nifty 50 24,400 के सपोर्ट लेवल को हायर ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बनाए रख पाता है, क्योंकि यही इस मौजूदा ब्रेकआउट की मजबूती की पुष्टि करेगा।
