Nifty 50 में गिरावट, India VIX 7-महीने के निचले स्तर पर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty 50 में गिरावट, India VIX 7-महीने के निचले स्तर पर

13 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। Nifty 50 **0.16%** लुढ़क कर **24,396** के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, बाजार की घबराहट को मापने वाला India VIX **7-महीने के निचले स्तर** पर आ गया।

मार्केट में दबाव, पर सपोर्ट बरकरार

आज यानी 13 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबारी सत्र देखने को मिला। Nifty 50 लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ 24,396 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 40 पॉइंट या 0.16% कम है। वहीं, BSE Sensex आज ट्रेंड के विपरीत चला और 0.15% की बढ़त के साथ 78,080 पर बंद हुआ।

20-दिन EMA का सपोर्ट डिफेंड

निवेशकों के लिए आज के सत्र की सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि Nifty 50 ने अपने 20-दिन के एक्सपोनेन्शियल मूविंग एवरेज (EMA) का सपोर्ट लेवल 24,363 को बनाए रखा। यह टेक्निकल लेवल बाजार सहभागियों द्वारा शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट का अहम संकेतक माना जाता है। इस सपोर्ट के बने रहने से फिलहाल बड़ी गिरावट टल गई है। हालांकि, 24,350 का सपोर्ट जोन टूटने पर और कमजोरी आ सकती है, जबकि 24,500-24,600 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

वोलेटिलिटी घटी, पर चिंताएं बाकी

Nifty में गिरावट के बावजूद, India VIX (जो बाजार की घबराहट या वोलेटिलिटी को मापता है) लगभग 2% गिरकर 11.4 के स्तर पर आ गया। यह जनवरी 2026 के मध्य के बाद का सबसे निचला स्तर है। गिरता हुआ VIX यह दर्शाता है कि निवेशक तेज मूल्य उतार-चढ़ाव से कम चिंतित हैं।

लेकिन, यह शांति कुछ बाहरी चुनौतियों के बीच है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मध्य-पूर्व में, निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके अलावा, भारतीय रुपया लगातार दबाव में है और हाल ही में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.44 तक कमजोर हो गया है। इससे उन कंपनियों के लिए लागत बढ़ जाती है जो आयात पर निर्भर हैं।

सेक्टर परफॉर्मेंस और मैक्रो जोखिम

आज फाइनेंशियल सर्विसेज और मेटल शेयरों में बिकवाली हावी रही। बैंक Nifty भी 0.43% गिरकर बंद हुआ, जो बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है। यह दिखाता है कि फिलहाल निवेशक 'वेट एंड वॉच' मोड में हैं।

घरेलू टेक्निकल लेवल्स के अलावा, निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जैसे बाहरी कारकों पर भी नजर रखे हुए हैं। भविष्य की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। Nifty और Sensex के बीच का अंतर भी बाजार की चुनिंदा चाल को उजागर करता है। आने वाले सत्रों में बाजार यह देखेगा कि वह रेजिस्टेंस लेवल को कैसे पार करता है और क्या भू-राजनीतिक अनिश्चितता तथा रुपये की कमजोरी जैसी मैक्रो विपरीत परिस्थितियां बढ़ती हैं या स्थिर होती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.