Nifty 50 24,500 के नीचे फिसला, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty 50 24,500 के नीचे फिसला, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और रुपये में आई कमजोरी के चलते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। Nifty 50 इंडेक्स **0.46%** गिरकर **24,472** पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों का ध्यान अब निचले सपोर्ट लेवल की ओर चला गया है।

शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण?

11 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। Nifty 50 इंडेक्स 0.46% की गिरावट के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते निफ्टी 24,500 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल के नीचे आ गया। वहीं, BSE Sensex भी 388 अंक टूटकर 78,154.25 पर बंद हुआ।

कच्चे तेल का आतंक और कमजोर रुपया

बाजार में इस कमजोरी की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तूफानी तेजी है। ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें 2% से ज्यादा उछलकर करीब $90 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक देश है, इसलिए कच्चा तेल महंगा होने से देश के इंपोर्ट बिल पर असर पड़ता है और महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आता है और कंज्यूमर खर्च भी कम हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.44 पर बंद हुआ, जिसने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।

आगे क्या हो सकता है?

टेक्निकल तौर पर, 24,500 के लेवल को होल्ड करने में Nifty 50 की विफलता ट्रेडर्स के लिए एक संकेत है। मार्केट एनालिस्ट्स अब 24,300-24,200 के दायरे को अगले संभावित सपोर्ट एरिया के रूप में देख रहे हैं। बैंकिंग सेक्टर में भी दबाव देखने को मिला, जहां Bank Nifty इंडेक्स 0.42% गिरकर 57,446.25 पर बंद हुआ। इस इंडेक्स को 57,108 के अपने 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के पास कुछ सपोर्ट मिलता दिख रहा है।

सेक्टर प्रदर्शन और VIX

बाजार में गिरावट के बावजूद, विभिन्न सेक्टर्स में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली। IT और फार्मा स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई, जिससे कुछ पोर्टफोलियो को सहारा मिला। हालांकि, FMCG, रियल एस्टेट और मेटल जैसे हैवीवेट सेक्टर्स में भारी बिकवाली हुई, जिसने ब्रॉडर इंडेक्स को नीचे खींचा। वहीं, Volatility Index, या India VIX, 3% से ज्यादा गिर गया, जिससे पता चलता है कि बाजार में गिरावट तो है, लेकिन अभी तक बड़े पैमाने पर घबराहट नहीं फैली है।

निवेशकों की नजर

फिलहाल, निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होंगी और क्या रुपया मजबूत होगा। आने वाले कुछ सत्र यह तय करेंगे कि बाजार 24,500 के लेवल को वापस हासिल कर पाता है या नहीं, या फिर उसे और निचले सपोर्ट लेवल को टेस्ट करना पड़ेगा। ग्लोबल कमोडिटी ट्रेंड्स और करेंसी की स्थिरता पर नजर रखना बाजार की नियर-टर्म दिशा को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.