भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी रही। निफ्टी 50 इंडेक्स **24,050** के पार बंद हुआ। कैपिटल गुड्स और PSU बैंक शेयरों में खरीदारी के चलते **120** से ज़्यादा कंपनियां 52-हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंची।
क्या हुआ आज?
17 जून को भारतीय शेयर बाजारों में खरीदारी का शानदार माहौल रहा। निफ्टी 50 इंडेक्स ने 24,050 का अहम स्तर पार कर लिया, जबकि सेंसेक्स 347.14 अंकों की बढ़त के साथ 77,155.62 पर बंद हुआ। लगातार चौथे दिन की इस तेजी से निवेशकों का बाजार पर भरोसा बढ़ता दिख रहा है।
क्यों खास है ब्रॉड मार्केट की तेजी?
बाजार में सिर्फ बड़े इंडेक्स का ऊपर जाना ही खास नहीं था, बल्कि स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। बीएसई (BSE) पर 120 से ज़्यादा कंपनियों के शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचे। यह दिखाता है कि तेजी सिर्फ कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर्स में मौके दिख रहे हैं। जब इतने सारे शेयर एक साथ नई ऊंचाई छूते हैं, तो यह एक मजबूत बुलिश सेंटीमेंट का संकेत होता है।
सेक्टरों का प्रदर्शन
कैपिटल गुड्स और पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) ने आज सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की। कैपिटल गुड्स सेक्टर में 2.8% का उछाल आया। वहीं, PSU बैंकों में तेजी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, ऑटो और रियलिटी जैसे सेक्टर्स में मामूली गिरावट ने यह भी दिखाया कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही पैसा लगा रहे हैं।
इन शेयरों में दिखी खास हलचल
कुछ कंपनियों के शेयरों में उनकी कंपनी-विशिष्ट खबरों के कारण हलचल देखी गई। JPMorgan द्वारा रेटिंग बढ़ाए जाने के बाद Dixon Technologies के शेयर 5% चढ़ गए। वहीं, SEBI द्वारा एडजुडिकेशन प्रोसीडिंग्स बंद करने के बाद Prime Focus के शेयर 5% उछले। इसके अलावा, Trent, Bharat Electronics, Hindalco और Tata Steel ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, Axis Bank और ONGC जैसे शेयरों में थोड़ी बिकवाली देखी गई।
आगे क्या उम्मीद करें?
टेक्निकल तौर पर, निफ्टी 50 के लिए 23,920 से 23,950 के बीच सपोर्ट बना हुआ है। बाजार में मजबूती दिख रही है, लेकिन अब 24,230 से 24,250 के स्तर पर इमीडिएट रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। इस लेवल से ऊपर निकलने पर निफ्टी 24,400-24,550 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि, साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी के नज़दीक आने के कारण वोलैटिलिटी (Volatility) बनी रह सकती है। निवेशकों को इस पर नज़र रखनी चाहिए कि क्या यह खरीदारी की मोमेंटम इन रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर बनी रहती है या मुनाफावसूली देखने को मिलती है।
