Nifty 50, Bank Nifty में गिरावट: मासिक एक्सपायरी से पहले निवेशकों की बढ़ी घबराहट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty 50, Bank Nifty में गिरावट: मासिक एक्सपायरी से पहले निवेशकों की बढ़ी घबराहट

भारतीय शेयर बाज़ारों में आज यानी 24 अगस्त 2026 को सतर्कता का माहौल रहा। भू-राजनीतिक चिंताओं और नज़दीक आती मासिक डेरिवेटिव एक्सपायरी के बीच Nifty 50 और Bank Nifty दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक अब Nifty पर **24,300** और Bank Nifty पर **58,000** के स्तर पर अगले ट्रेंड का संकेत देख रहे हैं।

Nifty 50 का कंसॉलिडेशन फेज

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क 24 अगस्त 2026 को लाल निशान में बंद हुए, क्योंकि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। Nifty 50 32.95 अंक गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ, जबकि Bank Nifty 236 अंक लुढ़क कर 57,525.95 पर आ गया। बाज़ार की चाल पर आगामी मासिक डेरिवेटिव एक्सपायरी का असर दिखा, जो आम तौर पर अस्थिरता बढ़ाती है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों की चिंताएं बढ़ाई हुई हैं।

Nifty 50 इंडेक्स 24,300 के पार जाने में संघर्ष कर रहा है और इसी दायरे में बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (Resistance) है, और इस लेवल से ऊपर बने रहने पर ही इंडेक्स अपने मौजूदा कंसॉलिडेशन फेज (Consolidation Phase) से बाहर निकलने का संकेत देगा। निचले स्तर पर, इंडेक्स को 24,150 पर तुरंत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 24,000 का स्तर एक मज़बूत सपोर्ट ज़ोन है। ट्रेडर्स इन सीमाओं पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, क्योंकि सपोर्ट ज़ोन टूटने पर और गिरावट आ सकती है। टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) अनिश्चितता का माहौल दिखा रहे हैं, और बाज़ार प्रतिभागी बड़ी पोजीशन लेने से पहले ग्लोबल और डोमेस्टिक संकेतों पर स्पष्टता का इंतज़ार कर रहे हैं।

Bank Nifty 58,000 के पास संघर्ष करता हुआ

Bank Nifty ने भी उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद वापसी की है। हाल ही में कुछ खरीदारी देखने के बाद, इंडेक्स अब 58,000 के स्तर के पास एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। बाज़ार विशेषज्ञों का सुझाव है कि इंडेक्स को अपनी ताकत वापस पाने के लिए इस स्तर से ऊपर एक निर्णायक चाल और क्लोजिंग ज़रूरी है। फिलहाल, बैंकिंग इंडेक्स अगस्त की शुरुआत से बने एक बड़े ट्रेडिंग रेंज में है, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच ज़बरदस्त खींचतान को दर्शाता है। गिरावट की ओर, 57,100 से 57,000 का ज़ोन ट्रैक करने के लिए प्राथमिक सपोर्ट एरिया बना हुआ है। यदि इंडेक्स इस रेंज से नीचे टूटता है, तो यह 56,600 और 56,200 के स्तर की ओर और कमजोरी ला सकता है।

बाज़ार का मूड और ध्यान देने योग्य बातें

India VIX द्वारा मापी गई कुल बाज़ार की अस्थिरता (Volatility) में थोड़ी वृद्धि हुई है, जो दर्शाता है कि निवेशक मासिक एक्सपायरी नज़दीक आने के साथ संभावित उतार-चढ़ाव के लिए तैयार हो रहे हैं। डोमेस्टिक टेक्निकल लेवल से परे, ग्लोबल माहौल एक प्रमुख कारक बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और एनर्जी की कीमतों को प्रभावित कर रही है, जिससे ग्लोबल बाज़ार की भावना नाज़ुक बनी हुई है। निवेशकों को आने वाले सत्रों में इन प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के संबंध में इंडेक्स के प्रदर्शन की निगरानी करनी चाहिए। डेरिवेटिव पोजीशनिंग और बाहरी ग्लोबल डेवलपमेंट का संयोजन ही सप्ताह के आगे बढ़ने के साथ बाज़ार की दिशा तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.