नई दिल्ली में आयोजित **12th BRICS Parliamentary Forum** में **21** देशों के नेता डिजिटल गवर्नेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर चर्चा कर रहे हैं। **27 अक्टूबर** को भारत औपचारिक रूप से इसकी अध्यक्षता चीन को सौंप देगा।
नई दिल्ली में आयोजित 12th BRICS Parliamentary Forum में 11 सदस्य देशों और 10 पार्टनर देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। दो दिन चलने वाले इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'पीपल-सेंट्रिक डेवलपमेंट' को बढ़ावा देना है, जो रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी जैसे 4 स्तंभों पर टिका है।\n\n### इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और पॉलिसी\n\nफोरम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंटीग्रेशन पर विशेष जोर दिया गया है। विभिन्न देशों के बीच डेटा गवर्नेंस और साइबर सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को लेकर एक कॉमन लेजिस्लेटिव फ्रेमवर्क बनाने की कोशिश की जा रही है, जो भविष्य में क्रॉस-बॉर्डर रेगुलेशंस को नई दिशा दे सकता है।\n\n### ट्रेड, सिक्योरिटी और रिफॉर्म्स\n\nलोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने रूस, क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इन चर्चाओं का केंद्र आतंकवाद विरोधी उपाय और UN सुरक्षा परिषद में जरूरी सुधार रहे, ताकि वैश्विक संस्थाएं बदलती आर्थिक और भू-राजनीतिक हकीकत के साथ मेल खा सकें।\n\n### अध्यक्षता का हस्तांतरण\n\n27 अक्टूबर को इस फोरम का समापन होगा। भारत ने इस समिट के जरिए ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और मल्टी-पोलर गवर्नेंस मॉडल की वकालत की है। इसके बाद, भारत औपचारिक रूप से BRICS पार्लियामेंट्री फोरम की अध्यक्षता चीन को सौंप देगा, जिससे ग्रुप के एडमिनिस्ट्रेटिव नेतृत्व में बदलाव आएगा। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के लिए इस फोरम के नतीजे काफी अहम हैं क्योंकि इनसे भविष्य के ट्रेड पॉलिसी और डिप्लोमैटिक संबंधों के संकेत मिलते हैं।
