Nestlé Business Solutions ने Genpact के साथ मिलकर हैदराबाद में अपना नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोला है। यह सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके कंपनी के दुनियाभर के ऑपरेशंस को और बेहतर बनाएगा। यह कदम भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का फायदा उठाकर Nestlé की ग्लोबल एफिशिएंसी बढ़ाने की स्ट्रैटेजी को दर्शाता है।
AI और ऑटोमेशन पर खास फोकस
हैदराबाद में Nestlé का यह नया फैसिलिटी सिर्फ पुराने एडमिनिस्ट्रेटिव कामों तक सीमित नहीं रहेगा। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, इस सेंटर का मुख्य मकसद Nestlé के ग्लोबल नेटवर्क में बिजनेस सर्विसेज को स्टैंडर्डाइज करना और स्केल करना है। Genpact के अनुभव का फायदा उठाकर, Nestlé अपने ऑपरेशंस की स्पीड और कंसिस्टेंसी बढ़ाना चाहती है, जो फिलहाल कई देशों में फैले हुए हैं। यह कदम मल्टीनेशनल कंपनियों के उस ट्रेंड को दिखाता है, जो भारत में मौजूद टैलेंट पूल और लागत-प्रभावी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाने के लिए अपने एंटरप्राइज-वाइड फंक्शन्स को GCCs में शिफ्ट कर रही हैं।
Nestlé के ऑपरेशंस पर असर
Nestlé के लिए यह इन्वेस्टमेंट एक ज्यादा एजाइल और टेक्नालॉजिकली एडवांस्ड सर्विसेज फ्रेमवर्क बनाने का हिस्सा है। कंपनी ने कहा है कि यह हैदराबाद सेंटर फ्यूचर-रेडी कैपेबिलिटीज डेवलप करने में अहम भूमिका निभाएगा। हालांकि Nestlé भारत में अपने लिस्टेड एंटिटी, Nestlé India Limited के जरिए एक जानी-मानी कंज्यूमर गुड्स कंपनी है, यह नया GCC डोमेस्टिक फूड प्रोडक्शन या सेल्स के बजाय इंटरनल ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज पर फोकस करने वाला एक अलग डिवीजन है। इसलिए, Nestlé India के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर इसका असर सीधे तौर पर नहीं, बल्कि इनडायरेक्ट रूप से दिखेगा, क्योंकि यह सेंटर मुख्य रूप से पेरेंट कंपनी के ग्लोबल ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगा।
हैदराबाद को क्यों चुना गया?
हैदराबाद ग्लोबल फर्म्स के लिए कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है, इसकी वजह यहां का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्ड टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की उपलब्धता है। इस शहर का चुनाव Nestlé की एक मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में पैठ बनाने की स्ट्रैटेजी के अनुरूप है। इस इनिशिएटिव की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि यह सेंटर AI-संचालित प्रक्रियाओं को कंपनी के मौजूदा ग्लोबल फ्रेमवर्क में कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट कर पाता है और अपनी सर्विसेज को प्लान के मुताबिक कितना स्केल कर पाता है। इन्वेस्टर्स आने वाले समय में यह मॉनिटर कर सकते हैं कि ऐसे टेक्नोलॉजिकल इनवेस्टमेंट्स कंपनी की ओवरऑल ऑपरेशनल एफिशिएंसी में कैसे योगदान करते हैं और Nestlé Group की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी में कैसे फिट होते हैं।
