AI Fraud in Nepal: बाढ़ राहत के नाम पर फर्जीवाड़ा, ChatGPT के जरिए ठगी करने वाला गिरफ्तार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
AI Fraud in Nepal: बाढ़ राहत के नाम पर फर्जीवाड़ा, ChatGPT के जरिए ठगी करने वाला गिरफ्तार

नेपाल में एक **32** वर्षीय युवक को बाढ़ राहत फंड के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने ChatGPT का इस्तेमाल कर फर्जी डोनेशन रसीदें बनाईं और राहत राशि को अपने निजी अकाउंट में डायवर्ट कर लिया।

नेपाल पुलिस ने 30 अगस्त 2026 को Bhagwan Karki नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने देश में आई बाढ़ की आपदा का फायदा उठाकर लोगों के साथ फाइनेंशियल स्कैम किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ChatGPT का इस्तेमाल करके खुद को एक बड़ा दानकर्ता दिखाने के लिए NPR 1,20,000 की एक फर्जी डोनेशन रसीद तैयार की।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?

आरोपी ने सोशल मीडिया पर इस फर्जी रसीद को अपने निजी QR कोड के साथ पोस्ट किया। उसने लोगों को यह भरोसा दिलाया कि वह 'प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष' (Prime Minister’s Disaster Relief Fund) में योगदान दे रहा है और दूसरों से भी मदद करने की अपील की। मासूम लोगों ने उसकी बातों में आकर सीधे उसके पर्सनल अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए।

डिजिटल युग में बढ़ता खतरा

यह घटना दिखाती है कि कैसे जनरेटिव AI (Generative AI) का इस्तेमाल अब अपराधी अपनी ठगी को 'प्रोफेशनल' दिखाने के लिए कर रहे हैं। फर्जी क्रेडेंशियल्स और भरोसेमंद दिखने वाले दस्तावेजों को अब चंद सेकंडों में तैयार किया जा रहा है।

सरकार की सख्त एडवाइजरी

प्रधानमंत्री सचिवालय और सुरक्षा एजेंसियों ने जनता को चेतावनी जारी की है:

  • राहत राशि केवल सरकारी वेबसाइट पर दिए गए अधिकृत QR कोड या बैंक डिटेल्स के जरिए ही जमा करें।
  • सोशल मीडिया पर चल रही रसीदों या दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
  • किसी भी ट्रांजैक्शन से पहले भुगतान लिंक की सत्यता की जांच जरूर करें।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आपदा के समय लोग जल्दबाजी में दान करते हैं, जिसका फायदा उठाकर स्कैमर्स बड़े पैमाने पर ठगी कर रहे हैं। सतर्कता ही डिजिटल लेनदेन में सबसे बड़ा बचाव है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.