न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरन ममदानी पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के आगामी कार्यक्रम का विरोध करने को लेकर चौतरफा निशाना साधा जा रहा है। आलोचकों का आरोप है कि मेयर का रुख राजनीतिक रूप से दोहरा है, हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि उनके पास मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस प्राइवेट इवेंट को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरन ममदानी इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहे हैं। मामला 29 अगस्त, 2026 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' का है, जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत संबोधन देने वाले हैं। मेयर ममदानी ने खुलकर RSS की विचारधारा की आलोचना की है और इसे समावेशी नहीं बताया है, जिसके बाद समुदाय के विभिन्न वर्गों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
दोहरा मापदंड का आरोप
विवाद तब और गहरा गया जब आलोचकों ने मेयर पर 'डबल स्टैंडर्ड' अपनाने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि इसी महीने ब्रुकलिन में पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले मेयर, अब RSS के कार्यक्रम पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। आलोचकों के अनुसार, एक तरफा राजनीतिक संकेत देना उनके निष्पक्ष होने के दावों पर सवालिया निशान लगाता है।
प्रशासन की मजबूरी
विपक्षी दबाव के बावजूद, मेयर ममदानी ने स्पष्ट किया है कि न्यूयॉर्क शहर के पास निजी कार्यक्रमों में हस्तक्षेप करने या उन्हें रद्द करने का कोई कानूनी क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) नहीं है। यह कार्यक्रम RSS के सौ साल के वैश्विक आउटरीच प्रोग्राम का हिस्सा है और यह निर्धारित समय पर ही होगा।
विवादों से नाता
यह पहली बार नहीं है जब मेयर ममदानी सुर्खियों में हैं। अपने कैंपेन के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निकायों के वारंट को शहर में लागू करने का सुझाव दिया था, जो कि उनके नगरपालिका अधिकार क्षेत्र से बाहर था। निवेशकों और भारतीय डायस्पोरा के लिए राहत की बात यह है कि इस विवाद का शेयर बाजार या किसी कॉर्पोरेट इकाई पर कोई असर नहीं है। फिलहाल, नजरें सिर्फ मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति पर टिकी हैं।
