NEET परीक्षा में धांधली पर एक्शन! NTA ने 47 अधिकारी हटाए, पेपर लीक कानून में बड़े बदलाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
NEET परीक्षा में धांधली पर एक्शन! NTA ने 47 अधिकारी हटाए, पेपर लीक कानून में बड़े बदलाव

NEET परीक्षा को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बीच सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है। साथ ही, पेपर लीक से जुड़े कानूनों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एजेंसी लंबे समय से स्टाफ की कमी और बाहरी वेंडरों पर अत्यधिक निर्भरता जैसी चिंताओं से जूझ रही है। 2027 तक कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) की ओर बढ़ना निवेशकों और हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।

Detailed Coverage

NTA में बड़ा फेरबदल: 47 अधिकारी बर्खास्त

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इन दिनों नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के आयोजन को लेकर भारी आलोचनाओं का सामना कर रही है। इसी बीच, सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एजेंसी के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही, परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नए कानूनी प्रावधान भी लाए गए हैं। ये फैसले संसदीय समिति की रिपोर्ट के बाद आए हैं, जिसमें एजेंसी की संरचना में गंभीर खामियों को उजागर किया गया था।

स्टाफ की कमी और बाहरी निर्भरता

राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़े NTA के सामने मौजूद प्रशासनिक चुनौतियों को साफ करते हैं। 39 स्वीकृत स्थायी पदों में से 15 पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में, एजेंसी को 73 अनुबंध कर्मचारियों और 124 बाहरी (आउटसोर्स) कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी भर्ती मॉडल के बजाय डेपुटेशन पर कर्मचारियों को रखने से एजेंसी की लाखों छात्रों के लिए परीक्षाओं को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने की क्षमता पर सवाल खड़े होते हैं।

कोचिंग और एड-टेक सेक्टर पर असर

NEET परीक्षा में आवेदकों की भारी संख्या और सीटों की सीमित उपलब्धता के बीच एक बड़ा असंतुलन है। लगभग 2.1 करोड़ छात्र करीब 1 लाख सरकारी मेडिकल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक बड़े व्यावसायिक उद्योग में बदल दिया है। Aakash Educational Services, Physics Wallah और अन्य एड-टेक प्लेटफॉर्म्स ने हमेशा छात्रों की प्रतिस्पर्धा और मेडिकल कॉलेजों में सीटों की सीमा को लेकर अनिश्चितता के कारण उच्च मांग देखी है।

निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि NTA की 2027 तक कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) की ओर बढ़ने की योजना इस इकोसिस्टम को कैसे प्रभावित करेगी। हालांकि यह बदलाव संचालन को आधुनिक बनाने के इरादे से किया जा रहा है, लेकिन इसमें क्रियान्वयन के जोखिम भी शामिल हैं, खासकर पहुंच और तकनीकी बुनियादी ढांचे को लेकर। साइबर सुरक्षा और परिचालन अखंडता को प्रबंधित करने के लिए वरिष्ठ स्तर की प्रतिभाओं को सफलतापूर्वक नियुक्त करने की एजेंसी की क्षमता यह बताएगी कि क्या ये सुधार दीर्घकालिक स्थिरता बहाल कर सकते हैं।

NTA के अगले कदमों में राधाकृष्णन समिति की 2024 की सिफारिशों को पूरा करने के लिए प्रमुख शैक्षणिक और जांच नेतृत्व पदों को भरना शामिल है। बाजार के जानकार इन नियुक्तियों की प्रभावशीलता और नए विधायी उपायों के कार्यान्वयन पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि यही कारक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की भविष्य की सुरक्षा और विश्वसनीयता तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.