NEET-UG पेपर लीक का असर: NTA ने बदली अपनी हेडक्वार्टर की लोकेशन, CISF की कड़ी सुरक्षा तैनात

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NEET-UG पेपर लीक का असर: NTA ने बदली अपनी हेडक्वार्टर की लोकेशन, CISF की कड़ी सुरक्षा तैनात

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद NTA अब पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अपना हेडक्वार्टर मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है और सुरक्षा के लिए CISF को तैनात किया है।

NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। एजेंसी अब मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग से काम कर रही है और परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) को सौंप दी गई है। यह कदम परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वास को दोबारा बहाल करने के मकसद से उठाया गया है।

फिजिकल और डिजिटल सुरक्षा को किया टाइट

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पिछली जांच में एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गई थीं। इसे सुधारने के लिए NTA ने अब मेटल डिटेक्टर और एक्स-रे बैगेज स्कैनर जैसे सख्त फिजिकल एक्सेस कंट्रोल्स लागू किए हैं। पूर्व ISRO चेयरमैन के. राधाकृष्णन की कमेटी की सिफारिशों पर अमल करते हुए, एजेंसी अपने डिजिटल फ्रेमवर्क को भी पूरी तरह बदल रही है। इसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस-मैचिंग तकनीक और इम्यूटेबल लॉगिंग जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं। साथ ही, CERT-In और C-DAC द्वारा अधिकृत संस्थाओं से साइबर सिक्योरिटी ऑडिट कराया जा रहा है।

टेस्टिंग इकोसिस्टम पर असर

NTA के ये कदम न केवल एजेंसी के लिए, बल्कि पूरी एजुकेशन और टेस्टिंग इंडस्ट्री के लिए अहम हैं। अब सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम करने वाली प्राइवेट कंपनियों को भी अनुपालन (compliance) और सुरक्षा के ऊंचे मानकों पर खरा उतरना होगा। एजेंसी अब एक चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) की नियुक्ति भी कर रही है, ताकि डेटा की सुरक्षा को लंबे समय तक सुनिश्चित किया जा सके। भविष्य में इन डिजिटल सुधारों का क्रियान्वयन ही NTA की साख को दोबारा बनाने में सबसे बड़ा टेस्ट साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.