नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सहायक कंपनी NSE Indices ने एक नया बेंचमार्क इंडेक्स, Nifty500 Ahimsa Index लॉन्च किया है। यह इंडेक्स उन कंपनियों को चुनेगा जो अहिंसा के नैतिक सिद्धांतों का पालन करती हैं, खास तौर पर जानवरों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यवसायों से दूर रहती हैं।
अब निवेश में भी अहिंसा का 'हरित' रंग
NSE Indices ने भारतीय शेयर बाजार के लिए एक अनूठा कदम उठाते हुए Nifty500 Ahimsa Index को पेश किया है। यह नया इंडेक्स, Nifty 500 में शामिल कंपनियों में से उन चुनिंदा कंपनियों को ट्रैक करेगा जो अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित हैं। इसे Ahimsagain Foundation के सहयोग से विकसित किया गया है, और इसका मुख्य उद्देश्य उन कंपनियों को बाहर रखना है जो किसी भी तरह से जानवरों को नुकसान पहुंचाती हैं।
कैसे होगा कंपनियों का चयन?
इस इंडेक्स में शामिल होने वाली कंपनियों का चयन Ahimsagain Foundation द्वारा विकसित 'अहिंसा निवेश आंदोलन' (Ahimsa Investment Movement) के ढांचे के तहत होगा। कंपनियों को उनके व्यावसायिक गतिविधियों और जानवरों पर उनके प्रभाव के आधार पर तीन रंगीन श्रेणियों - 'हरा', 'नारंगी' और 'लाल' - में बांटा जाएगा। केवल 'हरा' श्रेणी में रखी गई कंपनियां ही इस इंडेक्स का हिस्सा बन सकेंगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि इंडेक्स में केवल वही कंपनियां शामिल हों जो अहिंसा के नैतिक मानदंडों पर खरी उतरती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह इंडेक्स 'फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन' (free-float market capitalization) पद्धति पर आधारित होगा, यानी इंडेक्स में हर कंपनी का भार उसके सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाले शेयरों के बाजार मूल्य के अनुसार होगा। इंडेक्स का पुनर्गठन (reconstitution) हर छह महीने में किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनियों की सूची नैतिक ढांचे के अनुरूप बनी रहे। इसका बेस डेट 1 अप्रैल, 2016 है और शुरुआती वैल्यू 1,000 रखी गई है, जो निवेशकों को एक लंबी अवधि का प्रदर्शन बेंचमार्क प्रदान करेगा।
यह इंडेक्स संस्थागत निवेशकों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए एक आधार तैयार करेगा। इसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) और इंडेक्स फंड जैसे पैसिव निवेश उत्पादों (passive investment products) को बनाने में मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे खुदरा निवेशक (retail investors) व्यक्तिगत रूप से कंपनियों का विश्लेषण किए बिना इन नैतिक कंपनियों में निवेश का लाभ उठा सकेंगे।
ESG निवेश का बढ़ता दायरा
NSE के इस कदम से देश में थीमैटिक (thematic) और पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG - Environmental, Social, and Governance) से जुड़े निवेश उत्पादों की पेशकश का विस्तार हुआ है। जैसे-जैसे निवेशक अपने पोर्टफोलियो को व्यक्तिगत और नैतिक मूल्यों के अनुरूप बनाना चाहते हैं, वैसे-वैसे एक्सचेंज विशेष इंडेक्स की पेशकश करके इस मांग को पूरा कर रहे हैं। निवेशकों के लिए, इस इंडेक्स की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एसेट मैनेजर इसे वित्तीय उत्पादों के लिए कितना अपनाते हैं और 'हरे' रंग की कंपनियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन व्यापक Nifty 500 इंडेक्स की तुलना में कैसा रहता है।
