NSE का नया दांव: लॉन्च हुआ Nifty 500 Ahimsa Index, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
NSE का नया दांव: लॉन्च हुआ Nifty 500 Ahimsa Index, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास

NSE Indices ने निवेशकों के लिए एक नया इंडेक्स, Nifty 500 Ahimsa Index, लॉन्च किया है। यह इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करेगा जो अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करती हैं, खासकर पशु कल्याण के मामले में। यह उन निवेशकों के लिए एक नया रास्ता खोलेगा जो नैतिक निवेश (Ethical Investing) को महत्व देते हैं।

Detailed Coverage

क्या है Nifty 500 Ahimsa Index?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सब्सिडियरी NSE Indices ने हाल ही में Nifty 500 Ahimsa Index को लॉन्च किया है। यह इंडेक्स उन कंपनियों पर केंद्रित है जो किसी भी तरह से जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचातीं। यह Nifty 500 इंडेक्स का ही एक फ़िल्टर्ड वर्जन है, जिसमें पशु कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।

कैसे चुने गए स्टॉक?

इस इंडेक्स के लिए कंपनियों का चयन 'Ahimsa Investment Movement' फ्रेमवर्क के तहत किया गया है, जिसे Ahimsagain Foundation के सहयोग से विकसित किया गया है। इसमें कंपनियों को तीन श्रेणियों - ग्रीन, ऑरेंज और रेड - में बांटा गया है। सिर्फ 'ग्रीन' कैटेगरी वाली कंपनियां ही इसमें शामिल की गई हैं, यानी जो सीधे तौर पर जानवरों को नुकसान पहुंचाने वाले बिजनेस में नहीं हैं। यह चयन Nifty 500 लिस्ट की कंपनियों तक सीमित है। इंडेक्स को हर 6 महीने में, मार्च और सितंबर में, री-बैलेंस किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनियां अभी भी इन नैतिक मानकों पर खरी उतर रही हैं।

किन सेक्टर्स और कंपनियों को बाहर रखा गया?

इस नए इंडेक्स में फिलहाल 326 स्टॉक्स शामिल हैं। सख्त नॉन-वॉयलेंस स्क्रीनिंग के कारण, कई बड़े सेक्टर्स और कंपनियों को इससे बाहर रखा गया है। उदाहरण के लिए, डेरी, मीट, लेदर और पोल्ट्री से जुड़े बिजनेस इसमें शामिल नहीं हैं। साथ ही, कई फार्मा कंपनियां भी बाहर हैं क्योंकि उनके R&D में एनिमल टेस्टिंग की जाती है। Reliance Group की ज्यादातर कंपनियां (Reliance Power को छोड़कर) और कई बैंक व NBFCs को भी बाहर रखा गया है, क्योंकि उनके बिजनेस इस फ्रेमवर्क के मानदंडों से मेल नहीं खाते।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

वर्तमान में, इस इंडेक्स के टॉप होल्डिंग्स में Bharti Airtel, Infosys और Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियां शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स का दबदबा है, जो लगभग 13% है। इसके बाद कैपिटल गुड्स और आईटी का नंबर आता है। हालांकि यह इंडेक्स व्यक्तिगत मूल्यों के आधार पर निवेश का एक नया तरीका प्रदान करता है, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बैंकिंग और हेल्थकेयर जैसे बड़े सेक्टर्स के बाहर होने से इसका रिस्क और रिटर्न प्रोफाइल स्टैंडर्ड Nifty 500 से काफी अलग हो सकता है।

अब यह देखना बाकी है कि क्या एसेट मैनेजमेंट कंपनियां इस बेंचमार्क से जुड़े Exchange Traded Funds (ETFs) या इंडेक्स फंड जैसे पैसिव प्रोडक्ट्स लॉन्च करती हैं। ऐसे प्रोडक्ट्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेशकों की रुचि इन खास, एथिकल-थीम वाले निवेशों में कितनी बढ़ती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.