NLSIU में छात्रों का गुस्सा, परीक्षा रद्द
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। यूनिवर्सिटी ने जनवरी 2026 में होने वाली ऑनलाइन फॉर्मेटिव असेसमेंट (FA) को रद्द कर दिया है। मार्च 2026 में, यूनिवर्सिटी ने घोषणा की कि फाइनल ग्रेड में 40% वेटेज रखने वाली यह FA परीक्षा अब जून में 100 नंबरों की एक ऑफलाइन समेटिव असेसमेंट (SA) से बदली जाएगी। इस बदलाव ने छात्रों, खासकर PACE प्रोग्राम में शामिल प्रैक्टिसिंग लॉयर्स को काफी परेशान कर दिया है। NLSIU का कहना है कि परीक्षा में 'बड़े पैमाने पर अनियमितताएं' और 'अनुचित साधनों' का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन छात्र इस फैसले को मनमाना और अव्यवहारिक बता रहे हैं।
पुराने फैसलों को पलटने से अविश्वास
छात्रों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के नियमों को पीछे जाकर बदला है। छात्रों ने निर्देशानुसार अपने डिवाइस पर FA परीक्षा दी थी, लेकिन कुछ हफ्तों बाद उनके रिजल्ट रद्द कर दिए गए। छात्रों का आरोप है कि NLSIU ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं कर सका और यह कदम मौजूदा शैक्षणिक ढांचे को तोड़ता है। जून में एक ही, हाई-स्टेक ऑफलाइन परीक्षा कराना उन छात्रों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहा है जो अपनी प्रोफेशनल और निजी जिंदगी को मैनेज कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने जनवरी FA की मूल समय-सारणी के कारण अपने एम्प्लॉयर्स के साथ समस्याओं की भी रिपोर्ट की है। छात्र रिफंड की मांग कर रहे हैं और किसी भी तरह की धांधली के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही चाहते हैं, न कि कथित कदाचार के लिए सामूहिक दंड। यह प्रशासनिक जिम्मेदारी और छात्र अधिकारों पर गहरी असहमति को दर्शाता है।
सामूहिक सज़ा पर उठते सवाल
NLSIU का दावा है कि यह फैसला परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी है, लेकिन छात्रों का तर्क है कि किसी विशेष धोखेबाज की पहचान करने में प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण पूरी कक्षा को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। वे इस सामूहिक दंड को उचित प्रक्रिया की विफलता मानते हैं, जो निष्पक्षता और शैक्षणिक मानकों के सिद्धांतों का उल्लंघन कर सकता है, जिनका न्यायिक समर्थन भी है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी को उन सभी छात्रों के प्रयासों और वैध अपेक्षाओं को नजरअंदाज करने वाले एकतरफा रद्दीकरण के बजाय व्यक्तिगत अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने मूल मूल्यांकन नियमों का पालन किया था। निर्णय की यह पश्चगामी प्रकृति एक प्रमुख विवाद का विषय है, जिससे पता चलता है कि NLSIU ने स्थापित प्रक्रियाओं और घोषित मूल्यांकन संरचना पर छात्रों की निर्भरता को नजरअंदाज कर दिया है।
छात्रों का विश्वास फिर से कैसे जीतें?
NLSIU जून में होने वाली विस्तृत ऑफलाइन SA परीक्षा के साथ परीक्षा की शुचिता को मजबूत करने की योजना बना रहा है। हालांकि, छात्रों का चल रहा विरोध और रिफंड की मांग विश्वास में गंभीर कमी का संकेत देती है। यूनिवर्सिटी का इस स्थिति से निपटने का तरीका भविष्य की अकादमिक अनियमितताओं को संभालने के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जो छात्रों के विश्वास और कार्यक्रम की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। इस विवाद का समाधान संभवतः NLSIU की शैक्षणिक मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को छात्रों के लिए निष्पक्षता और उचित प्रक्रिया के साथ संतुलित करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
