NITI Aayog और Reliance Foundation ने मिलकर मध्य प्रदेश की 5 महिला किराना स्टोर मालिकों को ₹1 लाख का पुरस्कार दिया है। यह सम्मान 'एम्पावरिंग रूरल वुमन किराना एंटरप्रेन्योर्स' (Empowering Rural Women Kirana Entrepreneurs) कार्यक्रम के तहत दिया गया है, जिसका मकसद छोटे कारोबारियों को डिजिटल और वित्तीय ट्रेनिंग देकर उनकी आय और पहुंच बढ़ाना है।
Detailed Coverage
ग्रामीण कारोबारियों के लिए खास ट्रेनिंग
मध्य प्रदेश के बड़वानी, विदिशा और रायसेन जिलों में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे किराना स्टोरों की खास दिक्कतों को दूर करने के लिए RWKEs (Rural Women Kirana Entrepreneurs) प्रोग्राम शुरू किया गया है। माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MicroSave Consulting) की मदद से, इस पहल से छोटे कारोबारियों को अपने बिजनेस को मॉडर्न बनाने में मदद मिल रही है। इस ट्रेनिंग में प्रैक्टिकल बिजनेस स्किल्स सिखाई जाती हैं, जैसे कि हिसाब-किताब रखना, सप्लायर्स के साथ बेहतर संबंध बनाना और भविष्य के लिए बिजनेस एक्सपेंशन प्लान तैयार करना।
लॉन्च होने के बाद से, इस प्रोग्राम के तहत 175 ट्रेनिंग सेशन में 1,200 घंटे से ज्यादा की ट्रेनिंग दी गई है। ये वर्कशॉप्स लोकल भाषाओं में आयोजित की जाती हैं ताकि तीनों जिलों के छह ब्लॉकों में उद्यमियों के लिए यह आसानी से उपलब्ध हो सके। अब तक 108 महिलाएं इस पहल का हिस्सा बन चुकी हैं, जिसका लक्ष्य पारंपरिक छोटे व्यवसायों को डिजिटल अपनाने और बेहतर वित्तीय प्लानिंग की ओर ले जाना है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
निवेशकों और मार्केट एनालिस्ट्स के लिए, इस तरह के प्रोग्राम भारत के ग्रामीण रिटेल सेक्टर के फॉर्मलाइजेशन और डिजिटलाइजेशन पर बढ़ते फोकस को दर्शाते हैं। किराना स्टोर आज भी देश के रिटेल सेक्टर की रीढ़ हैं, और उनकी फाइनेंशियल लिटरेसी और डिजिटल उपयोग को बेहतर बनाने के प्रयासों से सप्लाई चेन इंटीग्रेशन और इन्वेंटरी मैनेजमेंट में सुधार हो सकता है। ये ग्रांट भले ही छोटी हों, लेकिन ये ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के एक बड़े ट्रेंड को दिखाती हैं।
जैसे-जैसे RWKE प्रोग्राम आगे बढ़ेगा, हितधारकों के लिए अगला महत्वपूर्ण अपडेट इस मॉडल को दूसरे जिलों या राज्यों में स्केल-अप करने की संभावना होगी। यह देखना अहम होगा कि क्या यह ट्रेनिंग इन स्टोर्स में लंबे समय तक चलने वाली रेवेन्यू ग्रोथ या बेहतर डिजिटल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम की ओर ले जाती है, जो इस पहल की लॉन्ग-टर्म बिजनेस इफेक्टिवनेस का एक की इंडिकेटर होगा।
