FlyDubai की एक फ्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हुए मिड-एयर हमले की जांच अब National Investigation Agency (NIA) करेगी। यूएई प्रशासन ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। चूंकि FlyDubai एक सरकारी कंपनी है, इसलिए शेयर बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
बीते 30 सितंबर, 2026 को FlyDubai की फ्लाइट FZ1073 के दौरान कॉकपिट में एक गंभीर सुरक्षा सेंध देखी गई। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन स्थिति में डायवर्ट करना पड़ा था। जांच में सामने आया कि फर्स्ट ऑफिसर हमाम अल-हममी ने फ्लाइट के कैप्टन, भारतीय नागरिक स्मित मच्छार पर हमला किया था।
आतंकी साजिश का शक
यूएई के अटॉर्नी-जनरल के अनुसार, यह कोई मामूली झगड़ा नहीं, बल्कि विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल से टकराने की एक खौफनाक आतंकी साजिश थी। हमलावर ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी (crash axe) का इस्तेमाल किया, लेकिन अन्य क्रू मेंबर्स की सतर्कता से एक बड़ी त्रासदी टल गई।
NIA की कार्रवाई
भारत के गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने अब इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे Anti-Hijacking Act, 2016 और UAPA, 1967 की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमलावर किसी बड़े रेडिकलाइजेशन नेटवर्क का हिस्सा था।
एविएशन सिक्योरिटी पर सवाल
इस घटना ने ग्लोबल एयर सेफ्टी प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉकपिट में इमरजेंसी टूल्स की पहुंच और एयरलाइन स्टाफ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रोसेस की खामियां अब चर्चा का विषय बन गई हैं।
नोट: FlyDubai (Dubai Aviation Corporation) एक सरकारी एयरलाइन है और यह स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशकों को किसी भी तरह के मार्केट इम्पैक्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
