National Investigation Agency (NIA) ने नवंबर **2025** के रेड फोर्ट धमाके मामले में **7,500** पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें इसे एक सोची-समझी आत्मघाती हमले की साजिश करार दिया गया है, जिसमें Ansar Ghazwat-ul-Hind मॉड्यूल से जुड़े **13** लोगों को आरोपी बनाया गया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष अदालत में 7,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट 10 नवंबर 2025 को लाल किले पर हुए धमाके की जांच का नतीजा है। आधिकारिक फाइलों में पुष्टि की गई है कि यह एक पूर्व-नियोजित आत्मघाती हमला था, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी और ऐतिहासिक स्मारक को काफी नुकसान पहुंचा था।
साजिश का नेटवर्क
जांच एजेंसियों ने इस मामले में 13 लोगों को नामजद किया है। आरोप है कि ये सभी 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (AGuH) मॉड्यूल को फिर से सक्रिय करने की कोशिश में जुटे थे, जो अल-कायदा से जुड़ा एक संगठन है। फॉरेंसिक जांच में विस्फोट स्थल से TATP और अमोनियम नाइट्रेट जैसे घातक रसायनों के अवशेष मिले हैं, जिससे हमले की प्रकृति की पुष्टि हुई है।
बाजार पर असर?
निवेशकों और बाजार के नजरिए से यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह पूरी तरह से सुरक्षा-संबंधी कानूनी प्रक्रिया है। इसका किसी भी लिस्टेड भारतीय कंपनी, शेयर बाजार के इंडेक्स या कॉर्पोरेट जगत पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह घटना किसी भी तरह से सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियों के फाइनेंशियल प्रदर्शन या ऑपरेशन्स से जुड़ी नहीं है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती चिंता
NIA की जांच में एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और 'लोन मुजाहिद पॉकेट बुक' जैसी चरमपंथी साहित्य की मौजूदगी का पता चला है। जांच के दायरे में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे कई राज्य शामिल हैं। आने वाले दिनों में यह मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा, लेकिन फिलहाल किसी भी कॉर्पोरेट फाइलिंग या वित्तीय डेटा पर नजर रखने की आवश्यकता नहीं है।
