नई दिल्ली में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों के परिवारों ने पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया है, जिसे अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है।
Detailed Coverage
NEET परीक्षा में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच तनाव बढ़ गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय साहिल लोचाब ने आंखों में गंभीर चोट लगने की सूचना दी है। पीड़ित के परिवार का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों के साथ झड़प के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से यह चोट लगी है, जिससे स्थायी दृष्टि हानि की आशंका जताई जा रही है।
इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताया है। पुलिस ने जनता को सत्यापित न की गई जानकारी साझा करने के खिलाफ चेतावनी दी है और ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) या केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ओर से इस विशेष घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या टिप्पणी नहीं आई है।
यह विरोध प्रदर्शन, जो जून की शुरुआत से चल रहा है, NEET परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस जैसे संगठित समूहों के नेतृत्व में, ये आंदोलन जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिसमें प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय मुआवजे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगें शामिल हैं। हाल ही में, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन से इन विरोधों को और अधिक सार्वजनिक ध्यान मिला है।
इस स्थिति पर नजर रखने वालों के लिए, चोट से संबंधित किसी भी औपचारिक मेडिकल रिपोर्ट, कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आधिकारिक अपडेट और इन विरोधों के NEET विवाद पर प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, और शिक्षा व परीक्षण क्षेत्रों में निवेशक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि क्या ये विरोध प्रदर्शन परीक्षा कार्यक्रम में आगे नियामक परिवर्तन या व्यवधान पैदा करते हैं।
