NEET-PG 2026: आधार से होगी पहचान, परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NEET-PG 2026: आधार से होगी पहचान, परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में!

स्वास्थ्य मंत्रालय ने NEET-PG 2026 परीक्षा के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। अब उम्मीदवारों की पहचान आधार कार्ड से होगी और परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। ये कदम परीक्षा को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए उठाए गए हैं।

परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने NEET-PG 2026 के लिए परीक्षा के पैटर्न में कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

आधार से होगी पहचान: अब सभी परीक्षार्थियों के लिए आधार कार्ड आधारित ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। यह रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा वाले दिन, दोनों वक्त होगा। बायोमेट्रिक पहचान के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनिंग के अलावा आइरिस स्कैनिंग की भी व्यवस्था की गई है, ताकि पहचान संबंधी किसी भी समस्या से निपटा जा सके।

प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा: परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को तैयार करने और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन (multi-layer encryption) का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम पेपर लीक या अनधिकृत पहुंच को रोकने में मदद करेगा।

परीक्षा का बदला पैटर्न

180 प्रश्न, 210 मिनट: इस बार परीक्षा में प्रश्नों की कुल संख्या घटाकर 180 कर दी गई है, और इन्हें हल करने के लिए 210 मिनट का समय दिया जाएगा। यानी, हर प्रश्न के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा।

सिंगल शिफ्ट परीक्षा: 273,000 से ज्यादा परीक्षार्थियों को राहत देते हुए, NEET-PG 2026 का आयोजन अब एक ही शिफ्ट में होगा। इससे पहले, अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने पर कठिनाई स्तर में अंतर की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब सभी के लिए परीक्षा का स्तर एक समान रहेगा।

परीक्षा शहरों का बेहतर विकल्प

तीन राज्यों की वरीयता: अब परीक्षार्थी अपने परीक्षा शहर के लिए तीन राज्यों को अपनी वरीयता के अनुसार चुन सकेंगे। पहले यह सुविधा 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर थी, जिससे कई बार उम्मीदवारों को दूरदराज के शहरों में जाना पड़ता था।

समय पर जानकारी: मंत्रालय ने यह भी बताया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा की तारीख से तीन हफ्ते पहले उनके आवंटित शहर की जानकारी दे दी जाएगी, ताकि वे यात्रा और ठहरने की व्यवस्था आसानी से कर सकें।

इस बार 60,000 से अधिक अधिकारियों को 340 शहरों और 1,300 केंद्रों पर तैनात किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.