नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने **6.92 किलो** हेरोइन की बरामदगी के बाद पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स तस्करी के दो मुख्य रूटों की पहचान की है। अब एजेंसी ड्रग-टेरर सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए उनके फाइनेंस और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर निशाना साध रही है।
तस्करी का पूरा जाल
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने पाकिस्तान से भारत में हेरोइन भेजने वाले दो रास्तों की आधिकारिक पहचान कर ली है। पिछले एक महीने में चलाए गए इंटेलिजेंस-लेड ऑपरेशंस के दौरान जम्मू डिविजन में कुल 6.92 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। एजेंसी अब केवल नशीले पदार्थों को पकड़ने के बजाय तस्करी के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कैसे काम करते हैं ये रूट?
जांच में पता चला है कि पहला रूट उरी सेक्टर से होकर लेह तक जाता है, जबकि दूसरा रास्ता पंजाब के जरिए जम्मू और आसपास के जिलों में घुसपैठ करता है। एजेंसी इन रास्तों को बंद करने की कोशिश में है ताकि ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
हालिया कार्रवाई के आंकड़े
एजेंसी की कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा है:
- सांबा में एक पैसेंजर बस से 522 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई।
- लुधियाना, पंजाब में जांच के दौरान 197 ग्राम अतिरिक्त ड्रग्स बरामद हुई।
- उरी सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खेप में 5.16 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई, जिसके तार लेह में हुई गिरफ्तारियों से जुड़े हैं।
आगे की रणनीति
NCB का अगला फोकस उन लोकल फाइनेंसरों और डिस्ट्रिब्यूटर्स को पकड़ना है जो इस ड्रग-टेरर सिंडिकेट को पैसा और रसद मुहैया कराते हैं। एजेंसी अब संदिग्ध फाइनेंशियल एक्टिविटीज और स्टोरेज पॉइंट्स पर नजर रख रही है ताकि तस्करी के इस जाल को जड़ से खत्म किया जा सके।
