N R Agarwal Share Price: प्रमोटर्स का बड़ा दांव! 73% से ज्यादा शेयर गिरवी, जानिए क्या है माजरा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
N R Agarwal Share Price: प्रमोटर्स का बड़ा दांव! 73% से ज्यादा शेयर गिरवी, जानिए क्या है माजरा
Overview

N R Agarwal Industries Limited के प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा, यानी **73.55%** शेयर, यानी **1,25,16,998** शेयर गिरवी रखे हैं। यह कदम कंपनी को टर्म लोन (Term Loan) दिलाने के लिए उठाया गया है, जिससे निवेशकों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं।

प्रमोटर्स का बड़ा फैसला: 73.55% शेयर गिरवी

N R Agarwal Industries Limited के प्रमोटर्स, R N Agarwal, Reena Agarwal और Raunak Agarwal ने अपनी कुल शेयरहोल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा, जो कि 73.55% है, यानी 1,25,16,998 शेयर्स को गिरवी रखा है। यह कदम कंपनी को टर्म लोन (Term Loan) के ज़रिए फंड जुटाने में मदद के लिए उठाया गया है। यह गिरवी SBICAP Trustee Company Limited और Axis Bank Limited जैसे संस्थानों के पक्ष में है, और इसमें नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (Non-disposal Undertaking) भी शामिल है।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस: मिली-जुली तस्वीर

यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस मिला-जुला रहा है। हालिया तिमाही (Q3 FY25-26) के नतीजों के मुताबिक, कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल 31.22% की बढ़त देखी गई और यह ₹566.56 Cr तक पहुँच गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 13.35% की बढ़ोतरी होकर ₹14.43 Cr रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट मार्जिन (Net Profit Margin) में 13.61% की गिरावट आई और यह 2.55% पर आ गया। पिछले तीन सालों में कंपनी की सेल्स ग्रोथ (Sales Growth) सिर्फ 0.87% रही और प्रॉफिट में -33.87% की गिरावट आई थी।

कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) 1.26 और डेट/इक्विटी रेशियो (Debt/Equity Ratio) लगभग 0.80-0.92 के आसपास है, जो बताता है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा हुआ है।

प्रमोटर शेयर गिरवी रखने का मतलब और जोखिम

प्रमोटर्स की 73.55% हिस्सेदारी को गिरवी रखना एक गंभीर गवर्नेंस (Governance) का मुद्दा है। आमतौर पर, जब प्रमोटर्स अपनी इतनी बड़ी हिस्सेदारी गिरवी रखते हैं, तो यह फाइनेंशियल मुश्किलों या नकदी की ज़रूरत का संकेत हो सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। रिसर्च बताती है कि शेयर गिरवी रखने की खबर पर बाज़ार अक्सर नकारात्मक प्रतिक्रिया देता है। किसी प्रमोटर की 15-20% से ज़्यादा हिस्सेदारी गिरवी रखना अक्सर एक रेड फ्लैग (Red Flag) माना जाता है, और निवेशकों को सतर्क हो जाना चाहिए। हालांकि यह पैसा कंपनी के फायदे के लिए है, लेकिन गिरवी रखी गई बड़ी हिस्सेदारी मार्जिन कॉल (Margin Call) जैसे जोखिम पैदा करती है, जिससे प्रमोटर्स को अपने शेयर बेचने पड़ सकते हैं और उनका कंपनी पर नियंत्रण कम हो सकता है। इससे स्टॉक प्राइस में भी ज़्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।

प्रतिस्पर्धियों से तुलना

N R Agarwal Industries पेपर और पेपर प्रोडक्ट्स सेक्टर में JK Paper Ltd., West Coast Paper Mills Ltd., और Tamil Nadu Newsprint and Papers Ltd. जैसे खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हालिया तिमाही के रेवेन्यू ग्रोथ में N R Agarwal ने कुछ प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन एक ऐसा पहलू है जिस पर नज़र रखने की ज़रूरत है। JK Paper और West Coast Paper जैसे प्रतिस्पर्धी ऐतिहासिक रूप से ज़्यादा मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ और बेहतर ऑपरेटिंग मेट्रिक्स दिखाते हैं। प्रमोटर्स द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी गिरवी रखने का फैसला N R Agarwal को दूसरों के मुकाबले ज़्यादा जांच के दायरे में लाता है।

आगे क्या देखना महत्वपूर्ण है?

यहाँ सबसे बड़ा जोखिम प्रमोटर्स की भारी शेयर गिरवी से जुड़ा है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि टर्म लोन का भुगतान कैसे होता है और गिरवी रखे गए शेयर कब वापस मिलते हैं। अगर कंपनी कर्ज चुकाने में असफल रहती है, तो शेयर ज़बरदस्ती बेचे जा सकते हैं, जिससे स्टॉक प्राइस और प्रमोटर्स के नियंत्रण पर असर पड़ सकता है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को बेहतर बनाना और कर्ज का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण होगा। ऐतिहासिक रूप से धीमी सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ, मौजूदा लीवरेज (Leverage) और गिरवी रखी गई हिस्सेदारी को देखते हुए, निवेशकों की भावना सतर्क रह सकती है।

देखने लायक बातें:

  • टर्म लोन के भुगतान की प्रगति।

  • गिरवी रखे गए शेयरों को लेकर कोई और नई जानकारी।

  • स्टॉक प्राइस की अस्थिरता और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर।

  • प्रॉफिट मार्जिन सुधारने और कर्ज कम करने के प्रयास।

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