Starlink की लाइसेंसिंग को लेकर Elon Musk के बयानों और उस पर Rahul Gandhi की प्रतिक्रिया ने देश के बड़े बिजनेस घरानों के प्रति सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
राजनीति के बीच मार्केट में हलचल
Elon Musk ने भारत में अपनी सैटेलाइट सर्विस Starlink के लाइसेंस में हो रही देरी पर सवाल उठाए और भारतीय मार्केट में एकाधिकार को लेकर तीखी टिप्पणी की। Musk ने Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए देश की पॉलिसी पर तंज कसा। इसके तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सोशल मीडिया रिस्पॉन्स ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बना दिया, जिसका असर सीधे तौर पर Reliance Industries के शेयरों पर देखने को मिला।
सरकार ने दी सफाई
इस राजनीतिक घमासान के बीच सरकारी अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि Starlink, Jio Satellite और Eutelsat OneWeb—तीनों ही कंपनियां फिलहाल एक समान सुरक्षा जांच (Security Vetting) और स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया से गुजर रही हैं। सरकार ने किसी भी कंपनी के प्रति भेदभाव के दावों को खारिज करते हुए कहा कि डेटा सुरक्षा को लेकर कड़े नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
निवेशकों के लिए सबक
इस घटना ने टेलीकॉम सेक्टर में रेगुलेटरी जटिलताओं को उजागर किया है। हालांकि Nifty 50 पर दबाव जरूर दिखा, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सरकारी मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन की औपचारिक अपडेट्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आने वाले समय में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड क्षेत्र में हो रहे बदलाव लॉन्ग टर्म में काफी बड़े हो सकते हैं, लेकिन तब तक रेगुलेटरी अनिश्चितता शेयर की कीमतों में शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी पैदा कर सकती है।
