मुंबई पुलिस ने **11 अक्टूबर, 2026** को शिवाजी पार्क में हुए एक अनधिकृत विरोध प्रदर्शन के बाद आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला चुनावी रोल में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित एक राजनीतिक विरोध से जुड़ा है।
कानूनी कार्रवाई की वजह
मुंबई पुलिस ने राजनीतिक जगत के दो बड़े चेहरों, आदित्य ठाकरे (शिवसेना UBT) और अमित ठाकरे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के खिलाफ औपचारिक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। 12 अक्टूबर, 2026 को यह FIR दर्ज की गई, जो ठीक एक दिन पहले शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद आई है।
प्रदर्शन का कारण
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। भीड़ के जमावड़े के चलते पुलिस ने हस्तक्षेप किया। FIR में इन दो नेताओं के अलावा लगभग 23 अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
कानूनी धाराएं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2) (गैर-कानूनी सभा) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 का भी उल्लेख किया गया है, जो आधिकारिक आदेशों के उल्लंघन और सार्वजनिक असुविधा से संबंधित हैं।
बाजार पर असर?
स्पष्ट कर दें कि यह घटना पूरी तरह से महाराष्ट्र के राजनीतिक और कानूनी दायरे तक सीमित है। इसका किसी भी लिस्टेड कंपनी, कॉरपोरेट गवर्नेंस या शेयर बाजार के वित्तीय ढांचे से कोई लेना-देना नहीं है। यह कोई बिजनेस इवेंट नहीं है और न ही इससे निवेशकों के लिए कोई रिस्क जुड़ा है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस इन नेताओं के बयान दर्ज करेगी और मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में रहेगा।
