मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने बांद्रा वेस्ट प्रोजेक्ट के लिए Diljay Property Developers से **₹11 करोड़** की फिरौती मांगने वाले 5 लोगों को दबोच लिया है। यह घटना मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में आने वाले बड़े रिस्क और चुनौतियों को सामने लाती है।
मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने बांद्रा वेस्ट के एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए Diljay Property Developers को धमकाते हुए ₹11 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने जाल बिछाकर इन बदमाशों को उस समय पकड़ा जब वे इस रकम की पहली किश्त वसूलने की कोशिश कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
डेवलपर की शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनी के कर्मचारियों को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। ये लोग एक कुख्यात अपराधी गिरोह का नाम लेकर पेरेरा रोड पर चल रहे री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को रोकने की कोशिश कर रहे थे। गौरतलब है कि यह प्रॉपर्टी पहले Archdiocese of Bombay के पास थी और 2024 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इसे खतरनाक घोषित किया था, जिसके बाद यहां निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
रियल एस्टेट पर असर और रिस्क
निवेशकों के लिए यह घटना एक चेतावनी की तरह है। मुंबई में पुराने भवनों के री-डेवलपमेंट में अक्सर विवादों और बाहरी दखल का रिस्क बना रहता है। ऐसी धमकियों से प्रोजेक्ट में देरी होती है, सिक्योरिटी का खर्च बढ़ता है और अंततः प्रोजेक्ट की लागत (Cost) पर बुरा असर पड़ता है। इसका सीधा असर कंपनी की समय पर घर डिलीवर करने की क्षमता पर पड़ता है।
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह महज एक घटना है या फिर शहर के अन्य डेवलपर्स को भी इसी तरह से निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस इस मामले में एक NGO ऑपरेटर की भी तलाश कर रही है, जो इस पूरे एक्सटॉर्शन प्लॉट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच की रिपोर्ट और प्रोजेक्ट के भविष्य पर टिकी हैं।
