एक्टर Tiger Shroff से जुड़े 18 अक्टूबर की फायरिंग मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। एक स्पेशल MCOCA कोर्ट ने इस मामले के 12वें आरोपी अमर मुंडिया को **6** दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, जिस पर इस ऑपरेशन के लिए फंडिंग जुटाने का आरोप है।
फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों ने अमर मुंडिया को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि मुंडिया इस पूरी आपराधिक साजिश में 'फाइनेंशियल कोऑर्डिनेटर' (Financial Coordinator) की भूमिका निभा रहा था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साफ किया कि नेटवर्क तक पहुंचने के लिए मुंडिया से पूछताछ बेहद जरूरी है। पुलिस हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में फैले डिजिटल ट्रांजेक्शन और मनी ट्रेल (Money Trail) की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस पूरे फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को ध्वस्त किया जा सके।
कोर्ट का रुख
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड पहले से ही जांच एजेंसियों के पास हैं, इसलिए पुलिस कस्टडी की जरूरत नहीं है। हालांकि, स्पेशल जज प्रधान ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। 27 अक्टूबर को इस मामले में MCOCA की धाराएं जोड़ने के बाद, कोर्ट ने जांच की गंभीरता को देखते हुए 6 नवंबर तक कस्टडी को जरूरी माना है।
बॉलीवुड और सुरक्षा का मुद्दा
यह मामला अब सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi gang) से जुड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, 18 अक्टूबर की घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन इसने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बड़े सितारों की सुरक्षा और प्रोडक्शन हाउसेस के फाइनेंशियल तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब भी अन्य फरार संदिग्धों की तलाश कर रही है ताकि ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के इस जाल को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
