Mufti Shares: Credo Brands के मुनाफे में आई 62% की गिरावट! अब ब्रांड पर दांव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mufti Shares: Credo Brands के मुनाफे में आई 62% की गिरावट! अब ब्रांड पर दांव
Overview

फैशन ब्रांड MUFTI बनाने वाली Credo Brands Marketing के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) थोड़ी निराशाजनक रही। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले **6.4%** की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर **₹146.1 करोड़** हो गया। इस दौरान नेट प्रॉफिट में भी भारी **62%** की गिरावट आई है।

Credo Brands के नतीजे: क्यों गिरी बिक्री?

Credo Brands Marketing Limited, जो मेन्स वियर ब्रांड MUFTI के लिए जानी जाती है, उसने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में बिक्री में गिरावट का सामना किया है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 6.4% घटकर ₹146.1 करोड़ पर आ गया। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY'26) में भी रेवेन्यू में 7.5% की कमी आई है, जो ₹430 करोड़ रहा।

प्रॉफिट पर बड़ा असर, मार्जिन भी घटे

बिक्री में गिरावट का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है। Q3 FY'26 में कंपनी का प्रॉफिट After Tax (PAT) घटकर सिर्फ ₹7 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹18.3 करोड़ था। यानी मुनाफे में 62% की भारी कमी आई। इसी के साथ, कंपनी का PAT मार्जिन भी काफी गिरकर 4.8% पर आ गया, जो पिछले साल 11.7% था। नौ महीनों के लिए भी PAT में 41% की गिरावट आई है और मार्जिन घटकर 7.5% हो गया है।

कंपनी का कहना है कि ₹2,500 से कम कीमत वाले उत्पादों पर GST छूट का लाभ ग्राहकों को देने और ऊंची कीमत वाले सामानों पर दाम न बढ़ाने के चलते ग्रॉस मार्जिन पर दबाव पड़ा है। हालांकि, वर्किंग कैपिटल डेज में सुधार हुआ है, जो 179 दिन रहा, जबकि H1 FY'26 में यह 217 दिन था।

MUFTI 2.0: क्या बदलेगी तस्वीर?

इन चुनौतियों के बीच, मैनेजमेंट अपनी 'MUFTI 2.0' ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी पर जोर दे रहा है। इसके तहत कंपनी अपने स्टोर्स के अनुभव को बेहतर बनाने, मर्चेंडाइज को ऊंचा उठाने और ब्रांड Storytelling को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी अपने स्टोर नेटवर्क को भी सुव्यवस्थित कर रही है। FY'26 के पहले नौ महीनों में 22 कम प्रदर्शन करने वाले आउटलेट बंद किए गए और 27 नए स्टोर खोले गए। लक्ष्य है कि FY'26 के अंत तक लगभग 431 क्वालिटी स्टोर्स का नेटवर्क तैयार हो जाए।

विज्ञापन और ब्रांडिंग पर बड़ा दांव:

Company आने वाले समय में विज्ञापन और ब्रांडिंग पर खर्च बढ़ाने की योजना बना रही है। अभी रेवेन्यू का करीब 5% इस पर खर्च हो रहा है, जिसे FY'27 तक बढ़ाकर 8-10% करने का लक्ष्य है। हालांकि, इस बढ़े हुए खर्च का असर अल्पावधि में कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है।

जोखिम और उम्मीदें

Credo Brands के सामने रेवेन्यू में गिरावट एक बड़ी चिंता है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY'26 का रेवेन्यू FY'25 से 5-6% कम रह सकता है। विज्ञापन पर ज्यादा खर्च से निकट भविष्य में मार्जिन पर और दबाव आने की संभावना है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय परिधान खुदरा क्षेत्र में सुधार की उम्मीद है, लेकिन FY'25 में मांग कुछ कमजोर रही। इसके चलते Credo Brands के मौजूदा नतीजों पर असर दिख रहा है।

हालांकि, मैनेजमेंट MUFTI 2.0 रणनीति को लेकर आश्वस्त है और उम्मीद कर रहा है कि Spring/Summer '26 से मांग में तेजी आएगी। कंपनी का अनुमान है कि Q4 FY'26 के अंत तक EBITDA मार्जिन करीब 25% तक वापस आ सकता है। ऑनलाइन बिजनेस में 87% की जोरदार ग्रोथ देखी गई है।

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