Motilal Oswal का बड़ा बयान: भारतीय शेयर बाजार में आने वाला है बड़ा मोड़, जानें क्यों?

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Motilal Oswal का बड़ा बयान: भारतीय शेयर बाजार में आने वाला है बड़ा मोड़, जानें क्यों?

Motilal Oswal AMC के अजय खंडेलवाल का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में करीब 2 साल की गिरावट के बाद अब एक अहम मोड़ आने वाला है। विदेशी निवेशकों ने जून के मध्य से **$2.5 बिलियन** का निवेश किया है और कंपनियों के मुनाफे में **15% CAGR** की ग्रोथ का अनुमान है।

भारतीय शेयर बाजार में बड़ा मोड़

Motilal Oswal Asset Management Company के इक्विटी हेड, अजय खंडेलवाल का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार लगभग 2 साल की प्राइस और टाइम करेक्शन के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। अगले 6 से 12 महीनों का आउटलुक स्टेबल मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल से तय होगा, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव हो रहा है।

FII की वापसी से उम्मीदें बढ़ीं

इस पॉजिटिव आउटलुक की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बढ़ती रुचि है। कई महीनों की बिकवाली के बाद, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में फिर से पैसा लगाना शुरू कर दिया है। 16 जून, 2026 से अब तक उन्होंने लगभग $2.5 बिलियन का निवेश किया है। यह बदलाव पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने और ग्लोबल AI-led ट्रेडिंग के ठंडा होने के बाद आया है, जिसने पहले भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी को आकर्षित किया था।

कमाई (Earnings) पर कितनी ग्रोथ?

बाजार की परफॉर्मेंस के लिए कॉर्पोरेट कमाई पर नजरें टिकी हुई हैं। Nifty और Motilal Oswal के फाइनेंशियल सर्विसेज यूनिवर्स के लिए अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 तक कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 15% रहेगा। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के शुरुआती डेटा बताते हैं कि बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टर की कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। हालांकि, शॉर्ट-टर्म में मार्जिन प्रेशर की उम्मीद है। कंपनियों की कॉस्ट मैनेज करने की क्षमता यह तय करेगी कि यह अर्निंग ग्रोथ कितनी सस्टेन हो पाती है।

Motilal Oswal के पसंदीदा सेक्टर्स

Motilal Oswal कुछ खास सेक्टर्स को पसंद कर रहा है, जिनमें डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, न्यू-एज टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी गुड्स शामिल हैं। फर्म का सुझाव है कि इस माहौल में सफलता शायद बॉटम-अप अप्रोच से मिले, यानी निवेशक ब्रॉड मार्केट ट्रेंड पर निर्भर रहने के बजाय स्पेसिफिक स्टॉक्स चुनें।

जोखिम (Risks) क्या हैं?

पॉजिटिव आउटलुक के बावजूद, बाजार के सामने कुछ जोखिम हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। आने वाले महीनों में बड़े IPOs और कैपिटल-रेज़िंग एक्टिविटीज की एक मजबूत पाइपलाइन की उम्मीद है। सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी को डिस्टर्ब किए बिना इस नई सप्लाई को एब्जॉर्ब करने की बाजार की क्षमता उसकी रेज़िलिएंस का एक महत्वपूर्ण पैमाना होगी। इसके अलावा, ग्लोबल एनर्जी और क्रूड ऑयल की कीमतों में अस्थिरता एक ऐसा फैक्टर बनी हुई है जो मैक्रोइकॉनॉमिक स्टेबिलिटी और कॉर्पोरेट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.