MobiKwik Systems Q3 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! पहली बार हुआ PAT Profit, रेवेन्यू में भी 8% का उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
MobiKwik Systems Q3 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! पहली बार हुआ PAT Profit, रेवेन्यू में भी 8% का उछाल
Overview

MobiKwik Systems ने Q3 FY26 में एक अहम पड़ाव हासिल किया है। कंपनी ने **₹40.48 मिलियन** के PAT (Profit After Tax) प्रॉफिट के साथ इस तिमाही को मुनाफे में बदला है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) **8%** बढ़कर **₹2,972 मिलियन** हो गया है, जो शानदार EBITDA टर्नअराउंड और पेमेंट ग्रॉस मार्जिन में भारी उछाल से प्रेरित है।

📈 कंपनी के नतीजे: क्या हैं नंबर्स?

MobiKwik Systems Limited ने Q3 FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के लिए एक बड़ी जीत हैं। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹2,972 मिलियन रहा, जो पिछले साल Q3 FY25 में ₹2,745 मिलियन था। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पहली बार ₹40.48 मिलियन के मुनाफे में दर्ज किया गया। यह पिछले साल इसी अवधि में ₹552.84 मिलियन के घाटे से एक ज़बरदस्त सुधार है, जिसमें ₹593 मिलियन का YoY इजाफा हुआ है।

🚀 EBITDA में भी भारी उछाल, मार्जिन ने पकड़ी रफ्तार

कंपनी का EBITDA भी घाटे से निकलकर ₹150 मिलियन के मुनाफे में आ गया है। यह पिछले साल Q3 FY25 के ₹426.72 मिलियन के घाटे से ₹576 मिलियन का बड़ा सुधार है। कंट्रीब्यूशन प्रॉफिट में भी 76% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹1,288 मिलियन तक पहुंच गया।

सबसे बड़ी राहत मार्जिन में आई है। कंपनी के पेमेंट्स बिजनेस का ग्रॉस मार्जिन 37% के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया, जो पिछले साल से 125% ज्यादा है। नेट फाइनेंशियल सर्विसेज (FS) मार्जिन भी चार गुना बढ़कर 4.13% हो गया। लागत पर कंट्रोल का असर भी दिखा, कुल खर्च घटकर ₹2,822.48 मिलियन रह गया, जो पिछले साल ₹3,171.41 मिलियन था।

⚠️ नौ महीने के आंकड़े मिले-जुले, फ्रॉड रिकवरी जारी

हालांकि, साल की पहली नौ महीनों (Nine-Month Period) के नतीजे मिले-जुले हैं। 31 दिसंबर, 2025 तक कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,305.20 मिलियन रहा, जो पिछले साल ₹9,023.90 मिलियन से कम है। इसी तरह, नौ महीने का PAT भी ₹-664.86 मिलियन के घाटे में ही रहा, जबकि पिछले साल यह ₹-654.93 मिलियन था।

Q3 FY26 के लिए बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) सुधरकर ₹0.52 हो गया, जो पिछले साल ₹-9.48 था।

🤔 आगे क्या? रिस्क और उम्मीदें

एक चिंता का विषय ₹118.30 मिलियन का कथित फ्रॉड (Fraud) से जुड़ा मामला है, जिसमें कुछ रजिस्टर्ड मर्चेंट और यूजर्स ने एक कमजोरी का फायदा उठाया था। कंपनी रिकवरी की कोशिशें कर रही है, जिसमें अब तक ₹279.03 मिलियन की वसूली हो चुकी है और ₹6.26 मिलियन सुरक्षित किए गए हैं।

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वे FY26 की दूसरी छमाही में प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखेंगे। कंपनी IPO से मिले फंड (₹2,181.55 मिलियन अनयूटिलाइज्ड) का इस्तेमाल ग्रोथ के लिए करेगी। कंपनी को नए लेबर कोड्स (Labour Codes) से कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

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