क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Mitti Labs ने Isometric प्लेटफॉर्म के जरिए **97,000** राइस मीथेन रिडक्शन सर्टिफिकेट्स जारी किए हैं। हालांकि यह कंपनी अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन Google और Salesforce जैसे दिग्गज ग्राहकों के साथ इसके करार चर्चा में हैं।
भारत के क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Mitti Labs ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने दक्षिण भारत के धान किसानों के साथ मिलकर सस्टेनेबल इरिगेशन तकनीक अपनाई है, जिससे मीथेन उत्सर्जन में भारी कटौती हुई है। कंपनी अब इन क्रेडिट्स को Isometric प्लेटफॉर्म के जरिए कॉर्पोरेट बायर्स को बेच रही है।
कैसे काम करता है मॉडल?
Mitti Labs का बिजनेस मॉडल 'अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग' (AWD) तकनीक पर टिका है। पारंपरिक खेती में खेत हर समय पानी से भरे रहते हैं, जिससे मीथेन पैदा करने वाले बैक्टीरिया पनपते हैं। कंपनी किसानों को समय-समय पर खेत सुखाने के लिए प्रेरित करती है, जिससे बिना फसल को नुकसान पहुंचाए मीथेन उत्सर्जन में 50% तक की कमी आती है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सैटेलाइट डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए की जाती है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Mitti Labs अभी एक प्राइवेट कंपनी है और NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। कंपनी ने हाल ही में Aramco Ventures के नेतृत्व में $9.5 मिलियन की सीरीज A फंडिंग जुटाई है। इसका लक्ष्य 2030 तक 1.5 मिलियन टन उत्सर्जन कम करने का है।
चुनौतियां और भविष्य
इस उभरते हुए सेक्टर में कुछ जोखिम भी हैं। कंपनी का पूरा भविष्य हजारों छोटे किसानों के साथ तालमेल बैठाने और तकनीक की सटीकता पर टिका है। इसके अलावा, वॉलंटरी कार्बन मार्केट में कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल रेगुलेशंस में बदलाव कंपनी के रेवेन्यू पर असर डाल सकते हैं। आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने ऑपरेशंस को कितनी कुशलता से बड़े पैमाने पर विस्तार दे पाती है।
