पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देने के लिए Ministry of Tourism और ONDC ने 'National Digital Tourism Stack' (NDTS) लॉन्च किया है। इससे **23,000** सर्विस प्रोवाइडर्स सीधे जुड़ सकेंगे, जिससे निजी ट्रैवल एग्रीगेटर्स के वर्चस्व को चुनौती मिल सकती है।
भारत के पर्यटन क्षेत्र को एकजुट और व्यवस्थित करने के लिए Ministry of Tourism ने Open Network for Digital Commerce (ONDC) के साथ मिलकर यह बड़ा कदम उठाया है। इस नई डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए 23,000 वेंडर्स, जिनमें छोटे होमस्टे से लेकर Archaeological Survey of India (ASI) के 170 स्मारक और 29 म्यूजियम शामिल हैं, अपनी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कर पाएंगे।
ट्रैवल इकोसिस्टम पर असर
भारत की जीडीपी में पर्यटन सेक्टर का योगदान 5.22% है और पिछले फाइनेंशियल ईयर में इसने लगभग 8.4 करोड़ नौकरियां प्रदान की हैं। अब तक ट्रैवल बुकिंग मार्केट में बड़े प्राइवेट एग्रीगेटर्स का दबदबा रहा है, जो अपनी मनमानी कमीशन वसूलते हैं। NDTS को UPI की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो छोटे वेंडर्स को बिना किसी बड़े बिचौलिए के सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का मौका देगा। यह व्यवस्था भविष्य में लिस्टेड ट्रैवल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब इस नई व्यवस्था की सफलता पर नजर रखनी चाहिए। सफलता का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी तेजी से ये 23,000 वेंडर्स अपने सिस्टम को इस नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट करते हैं। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेटफॉर्म्स की तरह ही ग्राहकों को बेहतर यूजर एक्सपीरियंस, सपोर्ट और भरोसेमंद रेटिंग देना एक बड़ी चुनौती होगी। यदि यह नेटवर्क मुख्य बुकिंग चैनल बन जाता है, तो मौजूदा ट्रैवल एग्रीगेटर्स के प्रॉफिट मार्जिन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
