Millworks Technologies के SME IPO में निवेशकों ने पहले घंटे में ही पैसा लगा दिया! ₹160.34 करोड़ का यह इश्यू 14 जुलाई 2026 को खुलते ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जो 16 जुलाई तक खुला रहेगा। कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस के लिए प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाती है और FY26 में इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹37.1 करोड़ हो गया।
IPO में आई बंपर डिमांड!
Millworks Technologies के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में आज यानी 14 जुलाई 2026 को बोली लगने के साथ ही निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के आंकड़ों के मुताबिक, यह इश्यू ट्रेडिंग के पहले घंटे में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। सुबह 10:40 बजे तक, ऑफर में उपलब्ध 3,518,800 शेयरों के मुकाबले कुल 3,574,800 शेयरों के लिए बोली लग चुकी थी।
किन निवेशकों ने लगाया पैसा?
रिटेल निवेशकों ने इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिन्होंने अपने हिस्से का 1.51 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर (NII) कैटेगरी में 1.14 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। यह IPO 16 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। शेयर की कीमत ₹315 से ₹331 प्रति शेयर के बीच तय की गई है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 400 शेयरों के लॉट में बोली लगानी होगी, जिसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹2,64,800 होगा।
कंपनी का शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस
IPO से पहले Millworks Technologies ने अपने फाइनेंशियल में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी ने ₹37.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹5.2 करोड़ की तुलना में काफी बड़ी छलांग है। इसी तरह, कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹148.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹22.1 करोड़ था।
भविष्य की योजनाएं
इस ₹160.34 करोड़ के IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए करेगी। कंपनी ₹61.03 करोड़ नई प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹81.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखे जाएंगे, जो कंपनी के बढ़ते कारोबार के लिए बेहद जरूरी है। बाकी बचे फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
Millworks Technologies प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स, शीट मेटल पार्ट्स और इंटीग्रेटेड असेंबली बनाती है। यह एयरोस्पेस, डिफेंस, रेलवे, मेट्रो रेल, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी बिल्ड-टू-प्रिंट और बिल्ड-टू-स्पेक मॉडल पर काम करती है। वर्तमान में, कंपनी का 73% रेवेन्यू भारत से आता है, जबकि 27% एक्सपोर्ट मार्केट से आता है।
आगे क्या?
शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई 2026 को होने की उम्मीद है, और BSE SME प्लेटफॉर्म पर स्टॉक की लिस्टिंग 21 जुलाई 2026 को हो सकती है। निवेशकों की निगाहें अब कंपनी की हाई प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने और जुटाई गई पूंजी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता पर होंगी।
