Metroglobal Limited ने चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने स्टैंडअलोन नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 220.34% की तूफानी तेजी से बढ़कर ₹690.01 Lakhs पर पहुँच गया। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹1.75 से बढ़कर ₹5.59 हो गई।
कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) भी 14.26% बढ़कर ₹6,488.76 Lakhs दर्ज किया गया। कंसॉलिडेटेड (Consolidated) नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में 14.26% की बढ़त के साथ यह ₹6,488.76 Lakhs रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड PAT में 170.36% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹589.76 Lakhs पर पहुँच गया। कंसॉलिडेटेड ईपीएस (EPS) ₹4.78 रहा।
पिछले नौ महीनों (9M FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1.41% बढ़कर ₹19,891.40 Lakhs रहा, और PAT 47.68% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,694.35 Lakhs पर पहुँच गया (EPS: ₹12.01)। वहीं, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 2.48% बढ़कर ₹20,865.09 Lakhs रहा, और PAT में 2.87% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹1,364.34 Lakhs रहा (EPS: ₹11.06)।
कंपनी ने साफ किया है कि इन नतीजों पर किसी भी तरह के असाधारण या विशेष आय का असर नहीं है, यानी यह ग्रोथ कंपनी के मुख्य कारोबार से ही आई है।
मगर, इन शानदार नतीजों के बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Metroglobal के इंटरनल ऑडिटर, M/s. Rajni Shah & Associates, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कंपनी ने बताया कि ऑडिटर ने यह कदम कंपनीज़ एक्ट, 2013 की धारा 144 के तहत स्टेट्यूटरी इनएलिजिबिलिटी (statutory ineligibility) के कारण उठाया है। यह स्थिति प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों के मर्जर (merger) को मंजूरी मिलने के बाद उत्पन्न हुई। इस इस्तीफे के बाद, M/s. Khokhani & Associates को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बाकी बचे समय के लिए नया इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
जहाँ Q3 में 'ट्रेडिंग एंड फाइनेंस' सेगमेंट से हुई यह तगड़ी PAT ग्रोथ कंपनी की मजबूती दिखाती है, वहीं ऑडिटर के इस्तीफे ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस और अनुपालन (compliance) को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। निवेशक अब कंपनी के नए ऑडिटर के साथ तालमेल और वैधानिक नियमों के पालन पर बारीकी से नजर रखेंगे। नौ महीनों के दौरान रेवेन्यू ग्रोथ में नरमी और कंसॉलिडेटेड PAT में मामूली बढ़ोतरी को देखते हुए, यह समझना अहम होगा कि क्या Q3 की यह शानदार प्रॉफिट ग्रोथ बरकरार रह पाएगी। कंपनी का भविष्य उसके मुख्य ट्रेडिंग और फाइनेंस ऑपरेशंस से होने वाली लगातार प्रॉफिटेबल ग्रोथ और मजबूत गवर्नेंस पर निर्भर करेगा।