Mehli Mistry ने ऐलान किया है कि **30 सितंबर, 2026** को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद वे Tata Medical Centre Trust के ट्रस्टी के पद से हट जाएंगे। अक्टूबर **2024** के बाद से टाटा ग्रुप से जुड़ी संस्थाओं से उनका यह छठा इस्तीफा है, जो टाटा ट्रस्ट्स में हो रहे बड़े बदलावों का संकेत है।
बदलाव की बयार
M Pallonji Group के डायरेक्टर Mehli Mistry ने साफ कर दिया है कि वे Tata Medical Centre Trust (TMCT) में दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब दिवंगत Ratan Tata के जाने के बाद टाटा ग्रुप से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं में नेतृत्व का एक बड़ा दौर जारी है।
नई लीडरशिप का प्रभाव
Noel Tata के Tata Trusts के चेयरपर्सन बनने के बाद से ग्रुप की फिलैंथ्रोपिक और रणनीतिक निगरानी में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। निवेशक इन नियुक्तियों पर कड़ी नजर रखते हैं क्योंकि Tata Trusts, Tata Sons में बहुमत हिस्सेदारी रखती है। बोर्ड में होने वाला हर बदलाव ग्रुप की लॉन्ग-टर्म गवर्नेंस और स्ट्रैटेजिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
मेडिकल सेंटर की स्थिति
कोलकाता स्थित 600 बेड वाला यह कैंसर अस्पताल 2005 में शुरू हुआ था। फिलहाल यह अस्पताल 'फाइनेंशियल सेल्फ-सफिशिएंसी' यानी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है, जिससे इसे Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust से नियमित पूंजी सहायता की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बोर्ड में वर्तमान में Noel Tata, उनके बच्चे - Leah, Maya और Neville Tata के अलावा पूर्व रक्षा सचिव Vijay Singh शामिल हैं।
हालांकि Mistry कई बड़े पदों से हट रहे हैं, लेकिन वे Tata Education and Development Trust के ट्रस्टी बने रहेंगे। यह पूरी कवायद टाटा ट्रस्ट्स के नए ढांचे के तहत नेतृत्व को मजबूती से एकीकृत करने की दिशा में एक स्पष्ट कदम है।
