Nifty 24,000 के पार! लगातार चौथे दिन बाजार में तेजी, डिफेंस स्टॉक्स चमके

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty 24,000 के पार! लगातार चौथे दिन बाजार में तेजी, डिफेंस स्टॉक्स चमके

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली है। आज यानी 17 जून 2026 को निफ्टी (Nifty) ने **24,000** का अहम स्तर पार कर लिया है। इस उछाल के पीछे डिफेंस स्टॉक्स में शानदार तेजी, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और डोमेस्टिक व फॉरेन इन्वेस्टर्स की खरीदारी रही।

बाजार में क्यों आई इतनी तेजी?

भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार, 17 जून 2026 को अपना पॉजिटिव मोमेंटम जारी रखा और लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज की। बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स ने 24,000 का आंकड़ा पार कर लिया, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स के मजबूत भरोसे को दिखाता है। इस तेजी में डिफेंस सेक्टर की कंपनियों और बड़े इंडेक्स हेवीवेट्स का बड़ा योगदान रहा। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने बाजार को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाई, वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की खरीदारी ने भी माहौल को बूस्ट किया।

निवेशकों के लिए क्यों है यह खास?

24,000 का स्तर बाजार की सेंटीमेंट के लिए एक साइकोलॉजिकल माइलस्टोन माना जाता है। इस उम्मीद का एक बड़ा कारण ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में आई नरमी है। भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए, कम तेल कीमतें आयात लागत को कम करती हैं और देश के इंपोर्ट बिल को मैनेज करने में मदद करती हैं। इससे रुपये को भी सपोर्ट मिला है, जो यूएस डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। जब करेंसी स्थिर या मजबूत होती है, तो यह इंपोर्टेड इन्फ्लेशन की चिंताओं को कम करती है, जो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन के लिए अच्छा संकेत है।

किन कंपनियों पर रही नजर?

आज का ट्रेडिंग सेशन खास कंपनी डेवलपमेंट के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। कई कंपनियों ने अपने हालिया बिजनेस अपडेट्स के कारण निवेशकों का ध्यान खींचा। Lupin, HFCL और RVNL जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई, क्योंकि उन्होंने बड़े ऑर्डर मिलने की घोषणा की। ये बड़े ऑर्डर भविष्य के रेवेन्यू ग्रोथ का संकेत देते हैं। वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर में Apollo Hospitals ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ ₹17.8 करोड़ का रेगुलेटरी कम्पाउंडिंग केस सेटल किया। निवेशकों के लिए, ऐसे सेटलमेंट अक्सर किसी रेगुलेटरी बाधा के हल होने के रूप में देखे जाते हैं, जिससे कंपनी अनिश्चितताओं से मुक्त होकर आगे बढ़ सकती है।

डिफेंस सेक्टर का जलवा

इस रैली में डिफेंस स्टॉक्स सबसे आगे रहे हैं। इस सेक्टर को स्वदेशी निर्माण पर सरकारी फोकस और घरेलू रक्षा उपकरणों के लिए मिले ऑर्डर्स से लगातार फायदा हुआ है। निवेशक इन कंपनियों के ऑर्डर एग्जीक्यूशन की क्षमता पर कड़ी नजर रखते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑर्डर बुक में मौजूदा ग्रोथ असल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में तब्दील हो।

ग्लोबल डेवलपमेंट और पॉलिसी

बाजार घरेलू कारकों के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों को भी संतुलित कर रहा है। आने वाले इंडिया-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), जो जुलाई 2026 में लागू होने वाला है, ने द्विपक्षीय व्यापार और व्यावसायिक सहयोग को लेकर पॉजिटिव सेंटीमेंट पैदा किया है। इसके अलावा, निवेशक हाल की हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मीटिंग्स और अपकमिंग यूनाइटेड स्टेट्स फेडरल रिजर्व (US Fed) की पॉलिसी मीटिंग जैसे ग्लोबल इवेंट्स पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। हालांकि बाजार उम्मीद कर रहा है कि ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी, लेकिन भविष्य की पॉलिसी शिफ्ट्स पर कोई भी कमेंट्री ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है।

आगे क्या देखें?

आगे चलकर, निवेशक निफ्टी के 24,250 के स्तर के पास प्रदर्शन पर नजर रखेंगे, जिसे एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है। इस रैली की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का मौजूदा मोमेंटम जारी रहता है या नहीं और क्रूड ऑयल की कीमतें अनुकूल बनी रहती हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त, बाजार प्रतिभागी शायद यह भी देखेंगे कि कंपनियां अपनी ऑपरेशनल कॉस्ट और ऑर्डर एग्जीक्यूशन को कैसे मैनेज करती हैं, खासकर उन सेक्टर्स में जिन्होंने हाल ही में तेजी से स्टॉक प्राइस एप्रिसिएशन देखा है। आने वाले सत्रों में ग्लोबल मार्केट की स्थिरता के लिए फेडरल रिजर्व से ब्याज दर पथ के बारे में कोई भी अपडेट एक महत्वपूर्ण कारक होगा।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.