बाजार में आई बड़ी चाल
1 जून को बाजार में दो अलग-अलग धाराएं दिखीं। जहां बड़े इंडेक्स शांत थे, वहीं कुछ स्मॉल-कैप शेयर रॉकेट बन गए। Coffee Day Enterprises और E2E Networks जैसे स्टॉक्स में ऊपरी सर्किट लगा, जिसका मतलब है कि इनमें खूब खरीदारी हुई। यह सब टेक्निकल ट्रेडिंग और मोमेंटम की वजह से हुआ, न कि किसी कंपनी की अच्छी खबर के कारण। ऐसे में जो लोग सिर्फ तेज रिटर्न के चक्कर में इन स्टॉक्स में पैसा लगा रहे हैं, उन्हें बड़ा रिस्क हो सकता है।
टेक्निकल तेजी के पीछे का सच
PTC Industries ने टेक्निकल लीडर के तौर पर वापसी की है। इसने अपने 150-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को पार कर लिया है, जो अक्सर बड़े निवेशकों के लिए सपोर्ट का काम करता है। इसे देखकर लग रहा है कि यह शेयर अब बड़ी तेजी की ओर बढ़ सकता है।
लेकिन, NIIT और Lambodhara Textiles जैसे शेयर इस तेजी की नाजुकता दिखा रहे हैं। हालांकि ये अभी शॉर्ट-टर्म में ठीक दिख रहे हैं, पर 200-दिन के मूविंग एवरेज के नीचे रहने से पता चलता है कि ऊपर में बिकवाली का दबाव काफी है। बड़े निवेशक अक्सर इन्हीं रेजिस्टेंस लेवल पर अपने शेयर बेचते हैं, इसलिए इन शेयरों में और तेजी की गुंजाइश कम हो सकती है।
बिकवाली का असली कारण
Kontor Space और DCG Cables में आई भारी गिरावट इस बाजार साइकिल का एक अहम संकेत है। जो शेयर अपने सभी मूविंग एवरेज, खासकर 200-दिन SMA से काफी नीचे ट्रेड कर रहे हैं, वे अक्सर बड़े निवेशकों की बिकवाली पैटर्न में फंस जाते हैं।
मार्केट लीडर्स के विपरीत, इन कंपनियों के पास वो वॉल्यूम सपोर्ट नहीं है जिससे वे पुरानी ऊंचाई को छू सकें। ऐसा लगता है कि इनकी कीमतों में आई गिरावट सिर्फ उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि जोखिम का नया मूल्यांकन है। निवेशकों को ऐसे शेयरों में 'बॉटम फिशिंग' (सबसे निचले स्तर पर खरीदना) से बचना चाहिए, क्योंकि अगर बाजार का मूड बदला तो बिकवाली और बढ़ सकती है।
आगे की राह और जोखिम
बाजार के खिलाड़ी अभी भी टेक्निकल लेवल्स को ही मूवमेंट का मुख्य कारण मान रहे हैं। अभी कोई बड़ी मैक्रो इकोनॉमिक खबर नहीं है, इसलिए मूविंग एवरेज पर निर्भरता और बढ़ गई है।
जो शेयर 200-दिन के एवरेज के करीब हैं, जैसे Lambodhara Textiles, वे सबसे ज्यादा खतरे में हैं। अगर वे इसे पार नहीं कर पाए, तो शॉर्ट सेलर्स (जो कीमत गिरने पर दांव लगाते हैं) हावी हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक इन प्राइस सर्ज के साथ कंपनी की कमाई में भी बढ़ोतरी नहीं दिखती, तब तक यह टेक्निकल आउटपरफॉर्मेंस टिकाऊ नहीं है और कभी भी पलट सकती है।
