Hexagon Nutrition IPO में निवेशकों की बंपर बोली, 54 गुना सबस्क्रिप्शन; NLC India OFS को भी मिला अच्छा रिस्पॉन्स

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Hexagon Nutrition IPO में निवेशकों की बंपर बोली, 54 गुना सबस्क्रिप्शन; NLC India OFS को भी मिला अच्छा रिस्पॉन्स
Overview

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी हलचल देखने को मिली। Hexagon Nutrition के IPO में निवेशकों ने **54 गुना** से ज़्यादा की बोली लगाई, वहीं NLC India के सरकारी हिस्सेदारी बिक्री (OFS) को **3 गुना** सबस्क्रिप्शन मिला। इसके अलावा, NSE ने सोशल फाइनेंस के लिए एक नई CSR पहल की घोषणा की है।

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बाजार में क्या हुआ?

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में नए इश्यू, सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की एक बड़ी घोषणाओं से भरा दिन रहा। Hexagon Nutrition के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में भारी डिमांड देखी गई, जबकि NLC India की सरकारी हिस्सेदारी बिक्री में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।

Hexagon Nutrition IPO का प्रदर्शन

Hexagon Nutrition का IPO 54 गुना सबस्क्राइब होकर बंद हुआ। इसमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) सबसे आगे रहे, जिन्होंने 118 गुना बोली लगाई। रिटेल निवेशकों ने भी 27 गुना सबस्क्रिप्शन के साथ अच्छा हिस्सा लिया, जबकि QIBs ने करीब 20 गुना सबस्क्राइब किया। प्राइस बैंड ₹42 से ₹45 प्रति शेयर पर, यह इश्यू लगभग ₹553 करोड़ का था। यह सफल सबस्क्रिप्शन प्राइमरी मार्केट में नई लिस्टिंग के लिए लगातार बनी हुई रुचि को दर्शाता है।

NLC India स्टेक सेल

केंद्र सरकार ने माइनिंग और पावर कंपनी NLC India में अपनी 3% हिस्सेदारी की ऑफर फॉर सेल (OFS) सफलतापूर्वक पूरी की। इस इश्यू को 3.1 गुना सबस्क्रिप्शन मिला, जिसमें लगभग 130 मिलियन शेयर के लिए बोलियां आईं, जो ऑफर में रखे गए 41.6 मिलियन शेयरों से कहीं ज़्यादा थीं। अधिकांश बोलियां फ्लोर प्राइस ₹303 प्रति शेयर से ऊपर, यानी ₹323 के करीब आईं। इस बिक्री से सरकार को लगभग ₹1,365 करोड़ जुटाने में मदद मिली। यह कदम सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की बड़ी योजना का हिस्सा है, जैसा कि हाल ही में NHPC और Coal India में देखने को मिला था।

NSE की सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) पहल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने घोषणा की है कि वह अपने सालाना कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) बजट का 10% हिस्सा सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) पर लिस्टेड प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल करेगा। यह प्लेटफॉर्म सोशल एंटरप्राइजेज को पब्लिक और इंस्टीट्यूशंस से फंड जुटाने की सुविधा देता है। NSE का लक्ष्य SSE के विकास को बढ़ावा देना और सोशल फाइनेंसिंग में इंस्टीट्यूशनल भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह रेगुलेटरी अपडेट के अनुरूप है, जो कंपनियों को जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल (Zero Coupon Zero Principal) इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए CSR खर्च करने की अनुमति देता है।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

Hexagon Nutrition के IPO में इतनी मजबूत डिमांड प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के एक्टिव रहने का संकेत देती है। हालांकि, निवेशक लिस्टिंग वाले दिन स्टॉक के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे कि यह डिमांड स्थिर कीमतों में बदलती है या नहीं।

NLC India की बात करें तो, 3.1 गुना सबस्क्रिप्शन दिखाता है कि सरकारी हिस्सेदारी बिक्री को अभी भी खरीदार मिल रहे हैं, खासकर जब उन्हें मार्केट प्राइस से डिस्काउंट पर पेश किया जाए। स्टॉक ₹327.85 पर बंद हुआ, जो OFS के फ्लोर प्राइस से ज़्यादा है। PSU स्टॉक्स पर नजर रखने वाले निवेशक अक्सर यह देखते हैं कि ऐसी लिक्विडिटी इवेंट्स (जब सरकार हिस्सेदारी बेचती है) सेकेंडरी मार्केट में स्टॉक की कीमतों को कैसे प्रभावित करती हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशक Hexagon Nutrition की लिस्टिंग डेट पर नजर रख सकते हैं। NLC India और अन्य PSU स्टॉक्स के लिए, सरकार की डिसइन्वेस्टमेंट (Disinvestment) की रणनीति महत्वपूर्ण रहेगी। NSE का CSR के लिए SSE का उपयोग सोशल फाइनेंसिंग में लिक्विडिटी और भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.