Mark Cuban का बड़ा दांव: कर्मचारियों को मिलेगा कंपनी का मालिकाना हक, अमीरी-गरीबी की खाई पटेगी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Mark Cuban का बड़ा दांव: कर्मचारियों को मिलेगा कंपनी का मालिकाना हक, अमीरी-गरीबी की खाई पटेगी!

अरबपति निवेशक Mark Cuban ने बड़ा प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि कंपनियों को यूनिवर्सल स्टॉक ओनरशिप प्रोग्राम (universal stock ownership programs) अपनाने चाहिए, ताकि कर्मचारी भी execs की तरह दौलत बना सकें। इससे अमीरी-गरीबी का अंतर कम होगा, क्योंकि सभी कर्मचारियों को उनकी सैलरी के हिसाब से कंपनी में हिस्सेदारी (equity) मिलेगी।

Detailed Coverage

कर्मचारियों को मिलेगा कंपनी में मालिकाना हक?

दिग्गज निवेशक Mark Cuban ने कंपनियों के लिए एक नया रास्ता सुझाया है – यूनिवर्सल स्टॉक ओनरशिप मॉडल (universal stock ownership models)। इस रणनीति का मकसद आय की असमानता (income inequality) को खत्म करना है। Idea यह है कि कंपनी में काम करने वाले हर कर्मचारी, चाहे वो कोई भी पद पर हो, कंपनी के प्रदर्शन से सीधे तौर पर जुड़े। Cuban का कहना है कि अगर CEO को उनकी सैलरी का एक खास प्रतिशत स्टॉक के रूप में मिलता है, तो बाकी कर्मचारियों को भी उसी अनुपात में इक्विटी मिलनी चाहिए।

SpaceX से प्रेरणा: कर्मचारियों की दौलत बढ़ी

Mark Cuban ने इस बात पर जोर देने के लिए SpaceX का उदाहरण दिया। कंपनी के हालिया IPO के बाद, वहां काम करने वाले 4,400 से ज़्यादा कर्मचारी, जिनमें मशीनिस्ट, वेल्डर और टेक्निशियन जैसे लोग शामिल थे, मालामाल हो गए। यह दिखाता है कि जब कर्मचारियों को कंपनी में हिस्सेदारी मिलती है, तो उनकी आर्थिक स्थिति कितनी बेहतर हो सकती है। इससे कर्मचारी कंपनी के लंबे समय के लक्ष्यों से जुड़ते हैं, जिससे कंपनी के कल्चर और कर्मचारियों के टिके रहने पर भी अच्छा असर पड़ता है।

पुरानी सफलताओं का ज़िक्र

कर्मचारियों को कंपनी में हिस्सेदारी देने का यह विचार Cuban के पुराने अनुभव से मेल खाता है। उन्होंने पहले भी ऐसे मॉडल अपनाए हैं। साल 1999 में जब Yahoo ने Broadcast.com को करीब $5.7 बिलियन में खरीदा था, तब कंपनी के 330 कर्मचारियों में से करीब 300 लोग स्टॉक की वजह से करोड़पति बन गए थे। MicroSolutions की बिक्री के समय और Dallas Mavericks के साथ भी उन्होंने ऐसे ही इक्विटी इंसेंटिव (equity incentives) का इस्तेमाल किया था। ये सब उदाहरण इस बात की गवाही देते हैं कि कंपनी के शेयरों के ज़रिए दौलत का बंटवारा कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देने का एक कारगर तरीका है।

निवेशकों पर असर

हालांकि यह प्रस्ताव सामाजिक समानता पर केंद्रित है, लेकिन यह कंपनियों के कंपनसेशन (compensation) के आधुनिक तरीकों से भी जुड़ा है। जिन कंपनियों में स्टॉक ऑप्शन (stock options) या रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (restricted stock units) सभी कर्मचारियों को दिए जाते हैं, उन्हें केवल कैश कंपनसेशन वाली कंपनियों की तुलना में अलग वित्तीय फैसले लेने पड़ते हैं। ज़्यादा इक्विटी बांटने से शेयर डाइल्यूशन (share dilution) हो सकता है, जिस पर निवेशक बारीकी से नज़र रखते हैं। स्टॉक-आधारित कंपनसेशन का सीधा असर कंपनी की प्रति शेयर आय (earnings per share) पर पड़ता है और यह कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, निवेशक इन मॉडलों के कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर, लंबे समय के शेयर काउंट और मैनेजमेंट व बाकी कर्मचारियों के बीच तालमेल पर पड़ने वाले असर पर ज़रूर गौर करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.