पंजाब के मानसा में 35 वर्षीय Daljit Singh की संदिग्ध मौत के बाद तनाव फैल गया है। परिवार का आरोप है कि मौत ड्रग्स की वजह से हुई है, जिसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
क्या है पूरा मामला?
घटना 27 अक्टूबर, 2026 की है, जब मानसा के सिरसा-मानसा रोड पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी 35 वर्षीय Daljit Singh के शव को त्रिकोणी चौक ले जाने की कोशिश कर रहे थे, जहाँ पहले से ही एक अन्य हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। पुलिस ने जब इस जुलूस को रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बिगड़ गई और हाथापाई के बाद एक्टिविस्ट लक्खा सिंह सिधाना समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
परिवार और पुलिस का पक्ष
Daljit Singh का शव रमानंदी के पास खेतों में मिला था। परिवार का आरोप है कि उनकी मौत ड्रग्स के ओवरडोज से हुई है, और उन्होंने स्थानीय ड्रग पेडलर्स के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, एसएसपी वैभव चौधरी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह सब पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए किया गया। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
बढ़ता राजनीतिक दबाव
इस घटना ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। यह तनाव 13 अक्टूबर को हुई 'झोटा' नाम के स्थानीय निवासी की शूटिंग के बाद से बढ़ रहा है, जिसने पहले भी इलाके में अशांति पैदा की थी। अब सबकी नजरें Daljit Singh की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
