मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक हिंसक हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए, जिसके विरोध में इंफाल में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
सोमवार की सुबह खोंगबान सुनुरोक जंगल इलाके में हुए इस हमले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि लगभग 16 ग्रामीण लकड़ी इकट्ठा करने गए थे, तभी उन पर हथियारबंद हमलावरों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस दुखद घटना में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जान गंवाने वालों की पहचान लैरेनलाकपम इनाओबी, अरुबाम रोनिन और क्षे़त्रीमायुम सुसील के रूप में हुई है।\n\nगुस्साए स्थानीय लोग शवों को लेकर इंफाल स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शनकारी लगातार इंसाफ और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।\n\nइस मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक थ लोकेश्वर ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के आश्वासन के बावजूद वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि खमेनलोक इलाका लंबे समय से हिंसा का केंद्र रहा है। 3 मई 2023 से जारी इन झड़पों ने पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता और लॉजिस्टिक्स पर गहरा असर डाला है, जिससे निवेशकों और स्थानीय व्यापारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
