Manipur के Senapati जिले में दो लापता Kuki युवकों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद Kangpokpi में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और व्यापारिक बाधाओं का खतरा बढ़ गया है।
हिंसक घटनाओं से बढ़ा तनाव
1 नवंबर 2026 को Senapati जिले में दो Kuki युवकों, 20 वर्षीय Paoginlal Hangshing और 21 वर्षीय Tinginlun Chongloi के शव मिलने के बाद Manipur में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। अक्टूबर के अंत से लापता इन युवकों के शव एक केले के खेत में पाए गए, जिसने पूरे इलाके में नाराजगी और विरोध की लहर पैदा कर दी है।
इससे ठीक पहले, 31 अक्टूबर को Noney जिले में एक मुठभेड़ में 3 Kuki-Zo पुरुषों की मौत की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इन बैक-टू-बैक घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
प्रमुख मांगें और विरोध
'Committee on Tribal Unity' ने Kangpokpi में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, समूह ने उपमुख्यमंत्री Losii Dikho के इस्तीफे और प्रशासनिक बदलावों की मांग की है, जिसमें कुछ क्षेत्रों को Kangpokpi पुलिस के अधिकार क्षेत्र में लाने के लिए जिला सीमाओं का पुनर्गठन शामिल है।
आर्थिक और व्यापारिक जोखिम
लगातार जारी इस अशांति का असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है। विरोध प्रदर्शनों के कारण नेशनल हाईवे-2 (National Highway-2) जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर नाकेबंदी का खतरा बढ़ गया है, जो राज्य में माल और आवश्यक आपूर्ति की आवाजाही के लिए लाइफलाइन है। सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा न केवल स्थानीय व्यापार को प्रभावित करेगी, बल्कि लागत में भी भारी बढ़ोतरी कर सकती है। अब निवेशक और स्थानीय समुदाय सरकार की ओर देख रहे हैं कि प्रशासन किस तरह से कानून-व्यवस्था को बहाल करता है और भविष्य में होने वाली हिंसक झड़पों को कैसे रोकता है।
