सितंबर सेल्स डेटा जारी होने के बाद ऑटो सेक्टर के शेयरों पर दबाव दिखा। जहां M&M और SML Isuzu के शेयर गिरे, वहीं नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने के चलते Highway Infrastructure के शेयरों में **8%** की जबरदस्त रैली देखी गई।
ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा। 1 अक्टूबर, 2026 को सितंबर महीने के सेल्स आंकड़े आने के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया सतर्क रही। कंपनियों के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी के बावजूद, प्रॉफिटेबिलिटी और डिमांड पैटर्न को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है।
M&M और SML Isuzu में गिरावट
Mahindra & Mahindra के शेयर में आज 2% की कमजोरी देखने को मिली। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 15% की बढ़त के साथ कुल 1.15 लाख यूनिट्स बेचीं। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 14% की ग्रोथ जरूर दिखी, लेकिन ट्रैक्टर सेल्स में गिरावट और एक्सपोर्ट्स में 7% की कमी ने निवेशकों का सेंटीमेंट खराब कर दिया।
उधर, SML Isuzu के शेयरों में 4% तक का करेक्शन आया। कंपनी ने 18% की सेल्स ग्रोथ दर्ज करते हुए 1,124 यूनिट्स बेचीं, फिर भी शेयर पर दबाव बना रहा। निवेशक कंपनी के कर्ज (Debt-to-Equity ratio 47-55%) और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को लेकर सतर्क हैं।
इंफ्रा और हॉस्पिटैलिटी में रौनक
ऑटो सेक्टर के उलट, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने दम दिखाया। Highway Infrastructure के शेयरों में 8% का उछाल आया, क्योंकि कंपनी को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से ₹220.66 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। साथ ही, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से मिले नए प्रोजेक्ट्स ने भी कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूती दी है।
इसके अलावा, होटल सेक्टर में Lemon Tree Hotels के शेयर 3% से ज्यादा चढ़े। कंपनी ने दार्जिलिंग में 65 कमरों वाली नई प्रॉपर्टी के साथ अपना विस्तार किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि ऑटो कंपनियां ट्रैक्टर और एक्सपोर्ट मार्केट की सुस्ती से कैसे निपटती हैं।
