प्रमोटर्स की बड़ी चाल? मुश्किलों से घिरी Mahip Industries में Mamta Agarwal ने बढ़ाई हिस्सेदारी!
Mahip Industries Limited में एक बड़ी अंदरूनी चाल चली गई है। Mamta Rajivkumar Agarwal, जो प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी हैं, ने कंपनी में 950,000 इक्विटी शेयर ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए खरीदे हैं। इस सौदे के बाद उनकी कुल शेयरहोल्डिंग बढ़कर 1,228,528 शेयर हो गई है, जो कंपनी की 6.39% वोटिंग कैपिटल को दर्शाती है। यह उनके पिछले 1.45% के स्टेक से काफी बड़ी बढ़ोतरी है।
क्यों है यह खरीदारी अहम?
यह बड़ी हिस्सेदारी खरीदारी ऐसे समय में हुई है जब Mahip Industries गंभीर वित्तीय और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी जून 2024 से कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है। ऐसे में, प्रमोटर ग्रुप के अंदर यह बड़ी हिस्सेदारी बढ़ाने का कदम कई सवाल खड़े करता है। क्या यह एक नई प्रतिबद्धता का संकेत है, या रेजोल्यूशन प्लान से पहले होल्डिंग्स को मजबूत करने की कोशिश, या फिर किसी अंदरूनी पुनर्गठन का हिस्सा?
कंपनी की नाजुक स्थिति
Mahip Industries, जो 1995 में स्थापित हुई थी (मूल रूप से Care Beverages (India) Limited), मुख्य रूप से कोरुगेटेड बॉक्स और पैकेजिंग मटेरियल का निर्माण और ट्रेड करती है। Mrs. Agarwal प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी हैं, जिसमें चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Rajiv Govindram Agrawal भी शामिल हैं।
हालांकि, कंपनी की हालत बेहद नाजुक है। 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई छमाही में, Mahip Industries ने ₹254.49 लाख का नेट लॉस दर्ज किया, और इसका रेवेन्यू 60.80% गिर गया।
समस्याओं में और इज़ाफ़ा करते हुए, ऑडिटर्स ने एक क्वालिफाइड ओपिनियन (qualified opinion) दी है। इसमें TDS डिफॉल्ट्स, डेप्रिसिएशन की गलत कैलकुलेशन और GST नॉन-कंप्लायंस जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। कंपनी ₹2.99 करोड़ का क्लेम SMRV Ain Infrastructure Projects के खिलाफ भी कर रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी की बुक वैल्यू प्रति शेयर नेगेटिव है, जो भारी वित्तीय दबाव को दिखाता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
इस सौदे के बाद, Mrs. Agarwal की सीधी हिस्सेदारी बढ़ गई है, जिससे CIRP प्रक्रिया के दौरान उनकी कंपनी में स्थिति और प्रभाव मजबूत हो सकता है।
निवेशकों को इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन Process (CIRP) का नतीजा।
- Mahip Industries का भारी वित्तीय नुकसान और गिरता रेवेन्यू।
- ऑडिट ओपिनियन के मुद्दे और उनके कंप्लायंस पर असर।
- SMRV Ain Infrastructure Projects के साथ चल रहा कानूनी विवाद।
- कंपनी का नेगेटिव बुक वैल्यू प्रति शेयर।
Mahip Industries पैकेजिंग सेक्टर में काम करती है, जहां उसका मुकाबला EPL Ltd., Uflex Ltd., Mohit Paper Mills, और BJ Duplex जैसी कंपनियों से है। हालांकि, कंपनी की अत्यधिक वित्तीय अस्थिरता इसे अपने साथियों से अलग करती है।
