Maharashtra: MPSC में धांधली की जांच के लिए बनी कमिटी, चेयरमैन छुट्टी पर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Maharashtra: MPSC में धांधली की जांच के लिए बनी कमिटी, चेयरमैन छुट्टी पर

महाराष्ट्र सरकार ने MPSC में पेपर लीक और धांधली के आरोपों की जांच के लिए रिटायर्ड जज दिलीप भोसले की अध्यक्षता में **5** सदस्यीय कमिटी बनाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए MPSC चेयरमैन विवेक भीमणवार **60** दिनों की जांच के दौरान छुट्टी पर चले गए हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग (MPSC) में पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों के बाद एक औपचारिक जांच शुरू कर दी है। रिटायर्ड बॉम्बे हाईकोर्ट जज दिलीप भोसले के नेतृत्व में गठित इस 5 सदस्यीय कमिटी को आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।

कमिटी में कौन-कौन शामिल है?

इस हाई-प्रोफाइल पैनल में वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे को सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। इनके अलावा IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, रिटायर्ड जज पी डी नाईक और पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल भी इस टीम का हिस्सा हैं। कमिटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है, जिसमें वर्तमान और पूर्व नेतृत्व के कार्यकाल की जांच की जाएगी।

छात्रों की जीत और आगे की राह

पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के 10 दिन लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए। इस घोषणा के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है।

क्या हो सकती है कार्रवाई?

डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया है कि जांच का मुख्य उद्देश्य शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय करना है। यदि कमिटी को चेयरमैन या किसी सदस्य के खिलाफ कदाचार के सबूत मिलते हैं, तो सरकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 317 का इस्तेमाल कर सकती है। यह अनुच्छेद संवैधानिक निकायों के सदस्यों को हटाने या निलंबित करने की प्रक्रिया प्रदान करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.