Maharashtra FDA का 'क्लीन फूड' अभियान: K Rustom Ice Cream और Cricket Club of India पर गिरी गाज!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Maharashtra FDA का 'क्लीन फूड' अभियान: K Rustom Ice Cream और Cricket Club of India पर गिरी गाज!

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्य भर में फूड सेफ्टी के नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़े प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कस दिया है। कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में K Rustom Ice Cream और Cricket Club of India जैसे जाने-माने नामों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं।

क्या है मामला?

महाराष्ट्र FDA ने दो महीने से भी कम समय में कई बड़े फूड बिज़नेस पर सख्त कदम उठाए हैं। हालिया कार्रवाई में, मुंबई के मशहूर K Rustom Ice Cream Parlour और Cricket Club of India (CCI) के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इन पर कार्रवाई की मुख्य वजह चूहे और अन्य कीटों का प्रकोप (pest infestations) और अस्वच्छ स्टोरेज (unhygienic storage) की शिकायतें पाई गईं।

फूड रिटेल और हॉस्पिटैलिटी पर असर

FDA का यह सख्त रवैया सिर्फ बड़े क्लबों या आइसक्रीम पार्लर तक सीमित नहीं है। विभाग ने स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में सॉफ्ट ड्रिंक्स और जंक फूड की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा, दूध सप्लायर्स पर भी नकेल कसी गई है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत, इस कदम से फूड और बेवरेज सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए नियमों और स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन करना और भी ज़रूरी हो गया है। कुछ कंपनियां जैसे Parsi Dairy ने खामियां दूर करने के बाद अपना काम फिर से शुरू कर दिया है, वहीं कुछ कानूनी रास्ते अपना रही हैं।

कानूनी और आंतरिक चुनौतियां

FDA की सख्त नीतियों के चलते कई मामले कोर्ट तक पहुंच गए हैं। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई के Park Inn by Radisson के लाइसेंस निलंबन को रद्द कर दिया, क्योंकि दोबारा निरीक्षण में वहां सुधार पाया गया। Poornima Restaurant ने भी FDA के खिलाफ कानूनी अर्जी दायर की है। वहीं, विभाग के अंदर भी कुछ दबाव है। छत्रपति संभाजीनगर जिले के 29 अधिकारियों ने स्टेट FDA मिनिस्टर、नरहरी झिरवल को बढ़े हुए वर्कलोड और काम के घंटों को लेकर चिंता जताई है।

निवेशकों के लिए, सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों और फूड कंपनियों के कामकाज के बीच संतुलन एक अहम मुद्दा बना रहेगा। नए नियमों के कारण कंपनियों को अपनी सुविधाओं को अपग्रेड करने और रखरखाव पर ज़्यादा खर्च करना पड़ सकता है। यह देखना होगा कि क्या बार-बार निरीक्षण और लाइसेंस सस्पेंड होने से कंपनियों के संचालन में लगातार रुकावट आएगी, या फिर वे इन बढ़ी हुई लागतों को अपने बिजनेस मॉडल में सफलतापूर्वक शामिल कर पाएंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.