महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Eknath Shinde ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है और देश में बाहरी ताकतों की मदद से अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री Eknath Shinde ने ठाणे में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि हाल के विरोध प्रदर्शन केवल राजनीतिक गतिविधियां नहीं हैं, बल्कि ये संवैधानिक संस्थाओं जैसे Supreme Court और Election Commission की विश्वसनीयता को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने विपक्षी नेता Rahul Gandhi का नाम लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वीकार्य है, लेकिन संस्थागत ढांचे पर हमला करना देश की नींव के लिए खतरा है।
निवेशकों के लिए क्या है चिंता?
महाराष्ट्र भारत की GDP में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है। यहां का मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर देश की आर्थिक रीढ़ है। कॉरपोरेट जगत और संस्थागत निवेशकों के लिए राजनीतिक स्थिरता का मतलब प्रोजेक्ट्स को समय पर मंजूरी और पॉलिसी में निरंतरता (Continuity) से होता है। मुख्यमंत्री ने नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के उदाहरण देते हुए संकेत दिया कि किस तरह 'अशांति का पैटर्न' घरेलू बाजार की स्थिरता बिगाड़ सकता है।
फिलहाल, निवेशक इस स्थिति को बेहद बारीकी से देख रहे हैं। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस राजनीतिक तनाव का असर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स या प्रशासनिक दक्षता पर पड़ेगा। फिलहाल राज्य सरकार का जोर आर्थिक विकास और गवर्नेंस पर है, लेकिन राजनीतिक पारा चढ़ने से भविष्य की योजनाओं पर संशय के बादल मंडरा सकते हैं।
