MV Electrosystems IPO: पहले ही दिन बम्पर डिमांड! रेल उपकरण निर्माता का इश्यू फुली सब्सक्राइब्ड

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
MV Electrosystems IPO: पहले ही दिन बम्पर डिमांड! रेल उपकरण निर्माता का इश्यू फुली सब्सक्राइब्ड

रेलवे इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी MV Electrosystems के IPO में निवेशकों ने पहले ही दिन खूब पैसा लगाया। इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।

पहले ही दिन IPO हुआ ओवरसब्सक्राइब!

रेलवे सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी MV Electrosystems का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च होते ही निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। 30 जुलाई 2026 को खुला यह इश्यू, लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन दोपहर तक इश्यू पर 1.14 गुना बोलियां आ चुकी थीं।

रिटेल निवेशकों की तरफ से सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जहां 4.60 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 1.02 गुना बोली लगाई।

कंपनी का फाइनेंशियल हेल्थ: प्रॉफिट में बड़ा झटका

निवेशकों को कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर भी गौर करना चाहिए। जहां FY24 में ₹49.96 करोड़ से बढ़कर FY25 में रेवेन्यू ₹62.64 करोड़ हुआ, वहीं FY26 में यह घटकर ₹49.43 करोड़ रह गया।

मुनाफे (Profitability) की बात करें तो FY24 में ₹0.56 करोड़ और FY25 में ₹1.40 करोड़ के बाद, कंपनी ने 2026 के वित्तीय वर्ष के अंत तक ₹12.63 करोड़ का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह लॉस कंपनी के सामने मौजूद ऑपरेशनल चुनौतियों को उजागर करता है।

IPO से जुटाए फंड का इस्तेमाल और बिजनेस रिस्क

MV Electrosystems, 68 लाख इक्विटी शेयर्स का फ्रेश इश्यू लाकर ₹290 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी के अनुसार, यह फंड वर्किंग कैपिटल की लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करने और नए पावर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट में निवेश के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

कंपनी की सफलता काफी हद तक इन रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रतिस्पर्धी रेलवे उपकरण क्षेत्र में वर्किंग कैपिटल को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। प्रोडक्ट डेवलपमेंट में देरी या मुनाफे में वापस लौटने में असमर्थता, लिस्टिंग के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकती है।

निवेशक भागीदारी और ग्रे मार्केट का अनुमान

IPO के लिए प्राइस बैंड ₹400 से ₹425 प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर कम से कम 34 शेयर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें ₹14,450 का निवेश करना होगा। इश्यू में 75% हिस्सेदारी संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए आरक्षित है, जबकि NIIs को 15% और रिटेल निवेशकों को 10% हिस्सा मिलेगा।

हालांकि, अनऑफिशियल ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) रिपोर्ट्स में संभावित लिस्टिंग गेन के संकेत मिले हैं, लेकिन ये आंकड़ें सट्टा हैं और स्टॉक के वास्तविक प्रदर्शन या दीर्घकालिक मूल्य को नहीं दर्शाते। निवेशकों को कंपनी की हालिया घाटे वाली स्थिति के बाद मार्जिन को स्थिर करने और रेवेन्यू बढ़ाने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि वे 3 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन की प्रगति को ट्रैक कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.