MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा विवाद में फंसी: पेपर लीक के लगे आरोप, जांच शुरू

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा विवाद में फंसी: पेपर लीक के लगे आरोप, जांच शुरू

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) अब 22 मार्च 2026 को हुई ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की जांच कर रहा है। परीक्षा पर पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Detailed Coverage

पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप

यह पूरा मामला तब गरमाया जब विधायक रोहित पवार ने परीक्षा के संचालन पर कई सवाल उठाए। आरोपों के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले ही नंदुरबार के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के जरिए प्रश्न पत्र लीक हो गया था। यह भी कहा जा रहा है कि प्रश्न पत्र कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेज दिया गया था। इन दावों के बाद, मामले की गहन जांच, एफआईआर (FIR) दर्ज करने और सबूतों की फोरेंसिक जांच की मांग उठ रही है।

सिर्फ पेपर लीक ही नहीं, बल्कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों के इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट होने की खबरें हैं, जबकि वे निर्धारित कट-ऑफ से कम अंक लाए थे। वहीं, सरकारी अधिकारियों से जुड़े उम्मीदवारों के अच्छे प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस भर्ती अभियान में करीब 44,500 उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जो 150 पदों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।

भर्ती पर नियामक प्रभाव

21 जुलाई 2026 को औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद, जांच पूरी होने तक अंतिम नतीजों और नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने की मांग की जा रही है। उम्मीदवारों और हितधारकों के लिए, MPSC की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना सबसे महत्वपूर्ण होगा। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो परीक्षा को दोबारा कराना पड़ सकता है या भर्ती नतीजों में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। इससे इन महत्वपूर्ण पदों को भरने की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। इस पूरी प्रक्रिया में आयोग की सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण कारक बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.