मध्य प्रदेश के देवास जिले में जहरीली शराब कांड के मामले में पुलिस ने कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे Aman Kasliwal को गिरफ्तार कर लिया है। लापरवाही बरतने के आरोप में सरकार ने 3 आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और जिले के आला अधिकारियों का ट्रांसफर भी कर दिया है।
अवैध शराब और रसायनों का कनेक्शन
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि 27 वर्षीय बिजनेसमैन Aman Kasliwal अवैध शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल केमिकल्स की सप्लाई करता था। आरोप है कि उसने यह केमिकल अजय राठौर को दिए थे, जो इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी है। यह गिरोह ब्रांडेड बोतलों का इस्तेमाल करके मिलावटी शराब को ग्रामीण इलाकों में खपा रहा था।
प्रशासन पर सख्त एक्शन
इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 3 आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, जवाबदेही तय करने के लिए देवास के जिला कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया है।
मौतों का आंकड़ा बना सियासी मुद्दा
इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या को लेकर विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि इस कांड में 22 लोगों की मौत हुई है और कई लोग अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके हैं। वहीं, आधिकारिक रिपोर्टों में आंकड़ों को लेकर मतभेद हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 5 सदस्यीय हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन किया है, जो रसायनों की प्रकृति और सप्लाई चेन का पूरा पता लगाएगी।
