सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में **7** लोगों की जान जाने के बाद, नगर निगम (MCD) ने शहर भर में बड़े पैमाने पर विध्वंस अभियान (Demolition Drive) शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई सभी **12** जोन में अवैध निर्माण और असुरक्षित पीजी (PG) को निशाना बना रही है, जिससे रियल एस्टेट और रेंटल मार्केट में हलचल बढ़ गई है।
सत्य निकेतन में 6 सितंबर, 2026 को पांच मंजिला इमारत ढहने की दुखद घटना के बाद MCD अब एक्शन मोड में है। निगम ने पूरे शहर में अवैध इमारतों को गिराने और सील करने का सघन अभियान छेड़ा है। इस अभियान के तहत प्रशासन उन इमारतों को प्राथमिकता दे रहा है जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करती हैं या जिनमें बिना अनुमति के बदलाव किए गए हैं।
PG और अवैध निर्माणों पर कड़ी नजर
अधिकारी फिलहाल 1,200 से ज्यादा पीजी (PG) आवासों का सर्वे कर रहे हैं, ताकि उनकी सुरक्षा प्रोफाइल के आधार पर वर्गीकरण किया जा सके। कई मामलों में बिना नक्शा पास कराए अवैध फ्लोर बनाने की बात सामने आई है। इस लापरवाही पर लगाम लगाने के लिए MCD ने एक डिप्टी कमिश्नर और कई इंजीनियरों को सस्पेंड भी कर दिया है, जो प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाता है।
रियल एस्टेट और निवेशकों पर असर
यह सख्ती रियल एस्टेट मार्केट के लिए अनिश्चितता का दौर लेकर आई है। जो प्रॉपर्टीज मास्टर प्लान के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, उनकी रेंटल यील्ड पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा दी जाने वाली लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) पर भी अब बैंक ज्यादा सावधानी बरत सकते हैं। यदि अथॉरिटीज लगातार डिमोलिशन ड्राइव चलाती हैं, तो अनधिकृत संपत्तियों की वैल्यूएशन और लिक्विडिटी गिरना तय है।
आने वाले समय में किसी भी तरह के स्ट्रक्चरल बदलाव के लिए मंजूरी की प्रक्रिया और अधिक सख्त हो सकती है, जिससे रिनोवेशन की रफ्तार धीमी होने की संभावना है। निवेशकों को सलाह है कि वे सुरक्षा ऑडिट के नतीजों पर पैनी नजर रखें, क्योंकि दिल्ली के छात्र हब (Student Hubs) में रेंटल पॉलिसी और बिल्डिंग बायलॉज में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
