Lok Sabha: 20 बागी TMC सांसदों को बड़ी राहत, अयोग्यता मामले पर 8 अक्टूबर तक मिला समय

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Lok Sabha: 20 बागी TMC सांसदों को बड़ी राहत, अयोग्यता मामले पर 8 अक्टूबर तक मिला समय

Lok Sabha सचिवालय ने अयोग्यता के संकट का सामना कर रहे 20 बागी TMC सांसदों को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। Nationalist Citizens Party of India में शामिल होने वाले इन सांसदों को अब अपना जवाब 8 अक्टूबर तक दाखिल करना होगा।

कानूनी दांव-पेच और समय सीमा

लोकसभा सचिवालय ने बागी सांसदों की 15 दिन की मोहलत की मांग को स्वीकार कर लिया है। इन सांसदों ने खुद को Nationalist Citizens Party of India (NCPI) के साथ जोड़ लिया है, जिसके बाद उनके खिलाफ अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

यह पूरा मामला संविधान की 10वीं अनुसूची (Tenth Schedule), जिसे एंटी-डिफेक्शन लॉ कहा जाता है, की व्याख्या पर टिका है। नियम के अनुसार, चुनाव जीतने के बाद दल बदलना राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। बागी गुट का दावा है कि यह दल-बदल नहीं, बल्कि दो राजनीतिक संस्थाओं का कानूनी विलय (Merger) है, जो उन्हें अयोग्यता से बचा सकता है।

अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का रुख

जून महीने में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC की ओर से अभिषेक बनर्जी ने अयोग्यता की याचिकाएं दायर की थीं। पार्टी का तर्क है कि NCPI में शामिल होकर इन सांसदों ने TMC से इस्तीफा दे दिया है, जिसके चलते उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए।

लोकसभा की बदलती गणित

भले ही ये सांसद सार्वजनिक रूप से NDA के साथ नजर आते हों, लेकिन रिकॉर्ड में वे अभी भी TMC का ही प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का अंतिम फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा। यदि इन 20 सदस्यों की सदस्यता जाती है, तो सदन के गणित में बड़ा बदलाव आएगा, जो नीतिगत फैसलों और सरकारी स्थिरता के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.